KNEWS DESK- महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बैठक में छात्रों की मांगों पर चर्चा के बाद कई अहम फैसले लिए गए। इसके बाद छात्रों ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का ऐलान किया।
MPSC अध्यक्ष और सदस्यों के खिलाफ जांच के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि MPSC अध्यक्ष का पद संवैधानिक है। राज्य सरकार या राज्यपाल को उन्हें हटाने का अधिकार नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट की सलाह पर उन्हें हटाने का अधिकार है। छात्रों ने आयोग के पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों और सदस्यों को हटाने की मांग की थी। इस मामले में तीन महीने के भीतर न्यायिक जांच कराई जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि MPSC की परीक्षाएं ऑफलाइन ही आयोजित की जाएंगी। सभी छात्र संगठनों और संबंधित पक्षों से चर्चा के बिना परीक्षा प्रणाली में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। 3 जनवरी 2027 को होने वाली ग्रुप-C परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाने की छात्रों की मांग भी मान ली गई है।
छात्रों की सुविधा के लिए सभी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए सिंगल कार्ड की व्यवस्था शुरू की जाएगी। इससे बार-बार पंजीकरण और दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। यह कार्ड मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार अगले तीन वर्षों की रिक्तियों की घोषणा एक साथ करने की तैयारी कर रही है। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पदों पर एक साल पहले ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री के साथ बैठक में मांगों पर सकारात्मक फैसलों के बाद छात्रों ने 2 अक्टूबर का प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया।