बलरामपुर में डीजे पर रोक की मांग को लेकर डीएम से मिले सामाजिक-धार्मिक संगठन, कार्रवाई की मांग तेज

वैष्णवी तिवारी की मौत के बाद डीजे पर रोक की मांग तेज, संगठनों ने डीएम को सौंपा प्रस्ताव

Knews Desk– बलरामपुर में सात वर्षीय छात्रा वैष्णवी तिवारी की मौत के बाद डीजे के इस्तेमाल को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और रोक की मांग तेज हो गई है। बुधवार को नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शोभायात्राओं और धार्मिक जुलूसों में डीजे के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग करते हुए जिलाधिकारी को प्रस्ताव सौंपा। संगठनों ने बलरामपुर को प्रदेश का पहला डीजे मुक्त जिला बनाने की मांग भी रखी। जिलाधिकारी ने इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।

सामाजिक और धार्मिक संगठनों का कहना है कि धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में तेज आवाज वाले डीजे के इस्तेमाल से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और आम लोगों को परेशानी होती है। संगठनों की मांग है कि केवल ध्वनि की सीमा निर्धारित करने के बजाय शोभायात्राओं और जुलूसों में डीजे के इस्तेमाल पर ही पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके साथ ही डीजे वाहनों के नगर क्षेत्र में प्रवेश पर भी प्रभावी रोक लगाने और डीजे संचालकों को पहले से नियमों की जानकारी देने की मांग की गई है।

डीजे संचालक गिरफ्तार व चौकी प्रभारी निलंबित

डिवाइन पब्लिक स्कूल की छात्रा वैष्णवी तिवारी की मौत के मामले में स्कूल प्रबंधक आशीष कुमार उपाध्याय की तहरीर पर कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने बालाजी हाईटेक डीजे के मालिक चंद्र प्रकाश वर्मा और डीजे ऑपरेटर रामपाल सैनी को गिरफ्तार किया है। घटना में इस्तेमाल पिकअप वाहन, डीजे साउंड सिस्टम और संबंधित उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई केवल डीजे संचालकों तक सीमित नहीं रही। मामले में स्थानीय स्तर पर निगरानी में लापरवाही के आरोप में मेवालाल चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा को पर्यवेक्षण में शिथिलता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पुलिस ने स्कूल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच के लिए सुरक्षित की है।

प्रशासन ने दिए निर्देश

प्रशासनिक स्तर पर भी डीजे के इस्तेमाल को नियंत्रित करने की कवायद शुरू हो गई है। महराजगंज तराई थाना परिसर में पुलिस ने डीजे संचालकों के साथ बैठक कर ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी दी। संचालकों को निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करने और आयोजनों में अधिकतम दो साउंड लगाने के निर्देश दिए गए। बिना अनुमति आयोजन करने या नियमों की अनदेखी करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

इससे पहले बलरामपुर नगर पालिका क्षेत्र में भी सर्वसमाज की बैठक में तेज और तीव्र आवाज वाले डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्णय लिया गया था। बैठक में अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, धार्मिक समितियों के पदाधिकारी और सभासद शामिल हुए थे। निर्णय के बाद अब सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने प्रशासन से इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कराने की मांग की है।

क्या थी पूरी घटना ?

बलरामपुर के डिवाइन पब्लिक स्कूल में कक्षा-2 की सात वर्षीय छात्रा वैष्णवी तिवारी सोमवार सुबह करीब 11 बजे कक्षा में बैठी थी। इसी दौरान स्कूल के पास गणेश प्रतिमा विसर्जन का जुलूस गुजर रहा था, जिसमें तेज आवाज में डीजे बज रहा था। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक वैष्णवी पहले सामान्य थी, लेकिन कुछ देर बाद वह बेचैन हुई, सीट से उठी और लड़खड़ाकर दोबारा बैठ गई। कुछ सेकेंड बाद वह फिर नीचे गिर गई और नहीं उठी।

शिक्षिका ने उसे संभालने की कोशिश की और स्कूल स्टाफ की मदद से जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया, इसलिए मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद पुलिस ने डीजे मालिक और ऑपरेटर को गिरफ्तार किया, वाहन व साउंड सिस्टम बरामद किए तथा चौकी प्रभारी को निलंबित किया।

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