Knews Desk- CBDT ने Income Tax Rules 2026 में कई बदलाव किए हैं। वैल्यूअर्स और इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर्स के रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने Income Tax Rules 2026 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों का असर टैक्सपेयर्स, वैल्यूअर्स और इनकम टैक्स प्रोफेशनल्स से जुड़ी प्रक्रियाओं पर पड़ेगा। CBDT ने Form 169 और Form 171 के प्रारूप में भी जरूरी बदलाव किए हैं। नए संशोधनों के तहत वैल्यूअर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों को राहत दी गई है। नियम 246 के तहत रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा पहले 30 सितंबर 2026 थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यानी आवेदकों को करीब छह महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
इसी तरह नियम 256 के तहत रजिस्टर्ड इनकम टैक्स प्रैक्टिशनर्स के रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन भी 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी गई है। CBDT ने नियम 176 में भी बदलाव किया है। इसमें ‘डिजिटल सिग्नेचर लगाकर’ की जगह ‘इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन के जरिए’ शब्दावली का इस्तेमाल किया गया है। इससे टैक्स विभाग की ओर से होने वाले संचार की प्रक्रिया को अधिक व्यापक बनाया गया है।
इसके अलावा नियम 225 में टैक्स रिकवरी से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया है। संशोधन के तहत गिरफ्तारी और हिरासत से संबंधित कुछ प्रावधानों को नियम से हटा दिया गया है।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट की समय-सीमा 30 सितंबर 2026 निर्धारित है। जिन करदाताओं पर धारा 44AB के तहत टैक्स ऑडिट लागू होता है, उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंट से अपने खातों का ऑडिट कराकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत टैक्स ऑडिट रिपोर्ट ई-फाइलिंग सिस्टम पर जमा करनी होगी।