दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन के खाते में गया। अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने NSUI के विजय मीणा को हराया।
Knews Desk- दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के नतीजों में ABVP ने चार में से तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर यश डबास, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास और NSUI के विजय मीणा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। 19वें राउंड तक यश डबास को 22,434 वोट मिले, जबकि विजय मीणा के खाते में 21,390 वोट आए। इस तरह यश डबास 1,044 वोटों के अंतर से आगे रहे और अंत में उन्होंने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की। उन्हें 28,873 वोट मिले, जबकि ABVP के ईशु मौर्य को 15,346 और NSUI के वीर छत्र राठौर को 4,010 वोट मिले। दीपांशु शौकीन ने ABVP उम्मीदवार पर 13,527 वोटों की बढ़त हासिल की।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने NSUI की नम्रता चौधरी को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। 19वें राउंड तक रिया छावड़ी को 19,846 वोट मिले, जबकि नम्रता चौधरी को 13,963 वोट प्राप्त हुए। रिया ने 5,883 वोटों के अंतर से बढ़त बनाई।
संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला काफी करीबी रहा। ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 14,965 वोट मिले, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव को 14,836 और NSUI के गोपाल चौधरी को 14,482 वोट प्राप्त हुए। अंतिम नतीजे में लक्ष्य राज सिंह ने यह सीट अपने नाम की।
इस बार DUSU चुनाव में ABVP और NSUI के बीच कई चरणों तक कड़ी टक्कर देखने को मिली। खासतौर पर अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद पर वोटों का अंतर काफी कम रहा। इसके बावजूद अंतिम नतीजों में ABVP तीन पद हासिल करने में सफल रही, जबकि NSUI को किसी भी केंद्रीय पद पर जीत नहीं मिली।
DUSU चुनाव के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के 52 मतदान केंद्रों पर वोटिंग कराई गई थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस बार कुल 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ। नियमित कॉलेजों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक और सांध्य कॉलेजों में दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक मतदान हुआ।
मतगणना को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। स्ट्रांग रूम के आसपास पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की तैनाती की गई थी। ड्रोन के जरिए भी निगरानी रखी गई। अधिकारियों के मुताबिक करीब 1000 पुलिसकर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था।
DUSU चुनाव के चार केंद्रीय पदों के लिए कुल 19 उम्मीदवार मैदान में थे। अध्यक्ष पद के लिए 7, उपाध्यक्ष पद के लिए 5, सचिव पद के लिए 4 और संयुक्त सचिव पद के लिए 4 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा।
पिछले चुनाव की बात करें तो उस समय भी ABVP ने चार में से तीन केंद्रीय पदों पर जीत दर्ज की थी, जबकि उपाध्यक्ष पद NSUI के खाते में गया था। इस बार उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने अपने नाम किया है।
चुनाव के बाद विजय जुलूस को लेकर भी दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश लागू हैं। अदालत ने DUSU चुनाव से जुड़े मामले में विजय जुलूस निकालने पर रोक लगाई है। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा से जुड़े मामलों में कई उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे।