Knews Desk- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने गाजियाबाद में ISI मार्क के दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गाजियाबाद शाखा कार्यालय की टीम ने जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में हेलमेट और LPG रेगुलेटर जब्त किए। कार्रवाई के दौरान हेलमेट की पैकेजिंग पर रद्द किए गए BIS लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया।
BIS की पहली टीम ने लोनी स्थित एक हेलमेट निर्माण इकाई की तलाशी ली। इस कार्रवाई का नेतृत्व गाजियाबाद कार्यालय के वैज्ञानिक-C एवं उप निदेशक शैलेंद्र कुमार वर्मा और नोएडा कार्यालय के वैज्ञानिक-C एवं उप निदेशक हर्षित कुमार जैन ने किया।
जांच के दौरान टीम ने 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त की। इन पैकेजिंग सामग्रियों पर रद्द किए गए BIS लाइसेंस नंबर अंकित थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रद्द लाइसेंस के बावजूद ISI मार्क वाले हेलमेट के निर्माण और भंडारण से संबंधित गतिविधियां की जा रही थीं।
मोहन नगर से 1,158 LPG रेगुलेटर बरामद
दूसरी कार्रवाई मोहन नगर स्थित आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट की एक इकाई में की गई। इस टीम का नेतृत्व गाजियाबाद कार्यालय के वैज्ञानिक-D एवं संयुक्त निदेशक राजेंद्र कुमार पालसानिया और दिल्ली कार्यालय के वैज्ञानिक-C एवं उप निदेशक सचिन सिंह नरूका ने किया।
तलाशी के दौरान BIS अधिकारियों ने 1,158 LPG रेगुलेटर जब्त किए। यह कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में की गई। जब्त किए गए सभी उत्पादों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए BIS के कब्जे में ले लिया गया है।
BIS अधिनियम के तहत होगी कानूनी कार्रवाई
यह दोनों प्रवर्तन कार्रवाइयां BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत की गईं। गाजियाबाद कार्यालय की वैज्ञानिक-F एवं वरिष्ठ निदेशक तथा प्रमुख जी. भवानी ने बताया कि संबंधित फर्मों के खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
BIS के अनुसार, अधिनियम की धारा 29 के तहत पहली बार उल्लंघन करने पर दो वर्ष तक की सजा या कम से कम 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह जुर्माना संबंधित माल की कीमत के दस गुना तक बढ़ सकता है। इसके अलावा, सजा और जुर्माना दोनों का प्रावधान भी है।
BIS ने लोगों से अपील की है कि वे ISI मार्क वाला कोई भी उत्पाद खरीदने से पहले उसकी प्रमाणिकता और लाइसेंस की जानकारी जरूर जांचें। इसके लिए BIS CARE App का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यदि किसी उत्पाद पर ISI मार्क के गलत इस्तेमाल का संदेह हो, तो उपभोक्ता BIS CARE App या [email protected] पर शिकायत कर सकते हैं। BIS ने स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु
- गाजियाबाद में दो अलग-अलग स्थानों पर BIS की प्रवर्तन कार्रवाई।
- लोनी से 730 हेलमेट और 4,646 पैकेजिंग सामग्री जब्त।
- पैकेजिंग पर रद्द BIS लाइसेंस नंबर अंकित होने का मामला।
- मोहन नगर से 1,158 LPG रेगुलेटर बरामद।
- कार्रवाई BIS अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत।
- पहली बार उल्लंघन पर दो वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान।
- उपभोक्ताओं से BIS CARE App के जरिए ISI मार्क की जांच करने की अपील।