KNEWS DESK- भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अगले करीब डेढ़ साल के दौरान नेतृत्व स्तर पर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कम से कम छह बड़े भारतीय बैंकों में वर्ष 2027 के अंत तक CEO और शीर्ष प्रबंधन को लेकर महत्वपूर्ण फैसले होने हैं। ऐसे में बैंक बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चुनौती अनुभवी और सक्षम उत्तराधिकारी चुनने की होगी।
सबसे पहले HDFC Bank और Kotak Mahindra Bank में नेतृत्व को लेकर फैसला होना है। HDFC Bank के MD और CEO शशिधर जगदीशन का मौजूदा तीन साल का कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होगा। वह पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगले कार्यकाल के लिए आवेदन नहीं करेंगे।
HDFC Bank में कैजाद भरूचा प्रमुख दावेदार
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, HDFC Bank में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा को प्रमुख आंतरिक दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, उनके चयन में भारतीय रिजर्व बैंक का 15 साल के लगातार कार्यकाल से जुड़ा नियम अहम भूमिका निभा सकता है। भरूचा जून 2014 में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बने थे और वर्ष 2029 में इस सीमा तक पहुंच जाएंगे। ऐसे में बैंक को उत्तराधिकारी चुनते समय नियामकीय नियमों और लंबे समय की नेतृत्व योजना पर भी विचार करना होगा।
Kotak Mahindra Bank में भी बदलाव की तैयारी
Kotak Mahindra Bank के CEO अशोक वासवानी का पहला तीन साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को पूरा होगा। बैंक में कई वरिष्ठ अधिकारी संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर मौजूद हैं। इनमें अनूप साहा, पारितोष कश्यप और जयदीप हंसराज के नाम शामिल हैं। बैंक की ओर से दो नाम RBI की मंजूरी के लिए भेजे जा चुके हैं।
ICICI Bank में भी नेतृत्व बदलाव की संभावना पर नजर बनी हुई है। मौजूदा CEO संदीप बख्शी ने पिछली नियुक्ति के समय अपेक्षाकृत छोटा कार्यकाल चुना था। बैंक के पास कई अनुभवी वरिष्ठ अधिकारी हैं, इसलिए उत्तराधिकारी के चयन के लिए बोर्ड के सामने कई विकल्प हो सकते हैं।
Axis Bank और SBI में भी अहम फैसले
Axis Bank के CEO अमिताभ चौधरी का मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर 2027 तक है। इस दौरान वह बैंक के प्रमुख के रूप में नौ साल पूरे कर लेंगे। RBI के नियमों के तहत उनकी उम्र और कुल कार्यकाल को देखते हुए उन्हें आगे भी मौका मिल सकता है। बैंक में सुब्रत मोहंती, मुनीश शारदा और नीरज गंभीर जैसे वरिष्ठ अधिकारी संभावित विकल्पों में शामिल हैं। देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India के चेयरमैन सीएस शेट्टी का तीन साल का कार्यकाल करीब अगस्त 2027 तक रहेगा। SBI में उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया आमतौर पर व्यवस्थित मानी जाती है। यहां संभावित नाम प्रायः मैनेजिंग डायरेक्टरों की टीम से सामने आते हैं।
इसके अलावा IDBI Bank के CEO राकेश शर्मा का कार्यकाल मार्च 2028 में समाप्त होगा। Ujjivan Small Finance Bank और Fino Payments Bank भी CEO स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया में हैं।
अनुभवी अधिकारियों की कमी बनेगी चुनौती
बैंकिंग सेक्टर में नेतृत्व बदलाव ऐसे समय होने जा रहे हैं, जब NBFC और फिनटेक कंपनियों से प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। अनुभवी बैंकिंग अधिकारियों की संख्या सीमित होने के कारण कई बैंक एक ही वरिष्ठ अधिकारी को अपने नेतृत्व के लिए उपयुक्त मान सकते हैं।
बैंक बोर्डों के सामने स्थिरता और नई रणनीति के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। आंतरिक उम्मीदवार बैंक की कार्यसंस्कृति और सिस्टम से परिचित होते हैं, जबकि बाहरी उम्मीदवार नई सोच और क्षमताएं ला सकते हैं। हालांकि, बाहरी नियुक्तियों में बदलाव से जुड़े जोखिम भी अधिक हो सकते हैं।