Katihar News: बिहार के कटिहार जिले में डिजिटल हाजिरी को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है. ई-शिक्षा कोश पोर्टल की समीक्षा के दौरान 21 ऐसे शिक्षकों की पहचान हुई, जो अपने संबंधित स्कूल में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी डिजिटल उपस्थिति दर्ज पाई गई. इनमें कुछ शिक्षकों के दूसरे जिले और कुछ के दूसरे राज्य में होने की जानकारी सामने आई है. मामले के बाद शिक्षा विभाग ने सभी 21 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है.
Knews Desk- बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत शिक्षकों को स्कूल परिसर में मौजूद रहकर डिजिटल माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज करनी होती है. इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर नजर रखना है.
हालांकि, कटिहार में ई-शिक्षा कोश पोर्टल की समीक्षा के दौरान इस व्यवस्था में गड़बड़ी सामने आई. जांच में पता चला कि कई शिक्षक अपने पदस्थापित विद्यालय में मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद सिस्टम में उनकी डिजिटल उपस्थिति दर्ज थी.
अधिकारियों की जांच में करीब 21 विद्यालयों से जुड़े 21 शिक्षकों को चिन्हित किया गया है. बताया जा रहा है कि इनमें कुछ शिक्षक अपने स्कूल से काफी दूर थे. कुछ की लोकेशन दूसरे जिले में, जबकि कुछ के दूसरे राज्य में होने की जानकारी सामने आई.
ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब शिक्षक स्कूल में मौजूद ही नहीं थे, तो उनकी डिजिटल हाजिरी आखिर कैसे दर्ज हुई. विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है.
21 शिक्षकों को भेजा गया शो-कॉज नोटिस
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. उनसे पूछा गया है कि स्कूल में मौजूद नहीं होने के बावजूद उन्होंने डिजिटल उपस्थिति किस तरह दर्ज की और इसके पीछे क्या कारण था.
अब शिक्षकों के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा. प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
डिजिटल व्यवस्था पर भी उठे सवाल
बिहार सरकार और शिक्षा विभाग स्कूलों में उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. डिजिटल हाजिरी का उद्देश्य शिक्षकों की उपस्थिति को पारदर्शी बनाना और स्कूलों में उनकी नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करना है.
लेकिन कटिहार में सामने आया यह मामला इस डिजिटल व्यवस्था के दुरुपयोग को लेकर सवाल खड़े कर रहा है. अब जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों ने किस तरह स्कूल से दूर रहते हुए डिजिटल हाजिरी दर्ज की और इसके लिए जिम्मेदार कौन है.