श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए चेहरों की एंट्री हुई है। अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के कारोबारी महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्ट में जिम्मेदारी दी गई है। तीनों की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ट्रस्ट में कई अहम पद खाली थे।
Knews desk- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2 सितंबर को हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद तीन नए सदस्यों की नियुक्ति की जानकारी सामने आई है। इनमें अयोध्या के वरिष्ठ वकील मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के कारोबारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े महेश भागचंदका और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। इन नियुक्तियों को राम मंदिर से जुड़े आगामी प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
मदन मोहन पांडेय अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और राम जन्मभूमि विवाद से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने रामलला की ओर से अदालत में कई मामलों की पैरवी की है। अयोध्या विवाद की लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान वह रामलला का पक्ष रखने वाले प्रमुख वकीलों में शामिल रहे।
इलाहाबाद हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक राम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका रही। उन्होंने ऐतिहासिक दस्तावेजों, पुरातात्विक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर रामलला के पक्ष को अदालत के सामने रखा। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद रामलला की ओर से मुकदमे की पैरवी करने वाले वकीलों के सम्मान समारोह में भी उन्हें सम्मानित किया गया था।
ऐसे में जिस मंदिर से जुड़े विवाद की कानूनी लड़ाई में वह लंबे समय तक सक्रिय रहे, उसी मंदिर के ट्रस्ट में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महेश भागचंदका का राम मंदिर आंदोलन से पुराना नाता
महेश भागचंदका दिल्ली के कारोबारी हैं और M2K Group के चेयरमैन हैं। उनका राम मंदिर आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़ाव रहा है। वह अशोक सिंघल फाउंडेशन के ट्रस्टी भी हैं।
राम मंदिर निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजनों में भी भागचंदका की मौजूदगी रही है। 2020 में अयोध्या में हुए राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में वह मुख्य यजमानों में शामिल थे। M2K की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 3 से 5 अगस्त 2020 के भूमि पूजन कार्यक्रम में उन्होंने यजमान के तौर पर हिस्सा लिया था।
इसके अलावा जनवरी 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान भी महेश भागचंदका और उनकी पत्नी सुनीता भागचंदका ने यजमान के रूप में पूजा-अर्चना की थी। मंदिर आंदोलन से लेकर भूमि पूजन और प्राण प्रतिष्ठा तक उनकी मौजूदगी को देखते हुए ट्रस्ट में उनका शामिल होना भी अहम माना जा रहा है।
निर्मला यादव के बारे में क्या जानकारी है?
तीसरा नाम निर्मला यादव का है, जो शिकोहाबाद की रहने वाली बताई जा रही हैं। फिलहाल उनके व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन से जुड़ी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं है।
ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक बयान या प्रेस कॉन्फ्रेंस होने के बाद ही उनके चयन, भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
तीन पद क्यों हुए थे खाली?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने किया था। ट्रस्ट में कुल 15 सदस्यों का प्रावधान है।
फरवरी 2025 में कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुई सीट पर कृष्ण मोहन को ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था। इसके बाद अगस्त 2025 में अयोध्या राजपरिवार के वंशज और ट्रस्ट सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र का निधन हो गया था।
वहीं, जून 2026 में राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बीच ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट ने बाद में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे।
इस तरह ट्रस्ट में तीन पद खाली थे। अब मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव की नियुक्ति के साथ इन तीनों रिक्तियों को भर दिया गया है।