अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस के मुताबिक, हत्या की साजिश पहले हरियाणा में रची गई थी, लेकिन बाद में शामली को वारदात के लिए चुना गया. शूटर्स ने होटल में ठहरकर रेकी की और स्नैपचैट के जरिए उन्हें हत्या का आदेश मिलने की बात सामने आई है. जांच की कड़ियां कनाडा में बैठे लोगों और हरियाणा के गैंग नेटवर्क तक भी पहुंच रही हैं.
Knews Desk: हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले में दो कथित शूटर्स के एनकाउंटर के बाद पुलिस की जांच और तेज हो गई है. पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त की शाम शामली के आर्यपुरी इलाके में अंकित को उस समय निशाना बनाया गया, जब वह जिम से बाहर निकले थे. चार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंकित की हत्या की योजना शुरुआत में हरियाणा में ही बनाई गई थी. बाद में वारदात के लिए शामली को चुना गया. इसके बाद सुमित और मोहित नाम के दोनों शूटर शामली पहुंचे. पुलिस के मुताबिक, उन्होंने होटल में ठहरकर इलाके की रेकी की और अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी.
स्नैपचैट के जरिए मिला हत्या का ऑर्डर
जांच में डिजिटल नेटवर्क का एंगल भी सामने आया है. पुलिस का दावा है कि शूटरों को स्नैपचैट के माध्यम से हत्या को अंजाम देने के निर्देश मिले थे. अब जांच एजेंसियां उन सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल नंबरों और डिजिटल संपर्कों को खंगाल रही हैं, जिनके जरिए कथित तौर पर शूटर्स तक निर्देश पहुंचाए गए.
पुलिस के मुताबिक, हरियाणा का कुख्यात अपराधी राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया इस पूरी साजिश की प्रमुख कड़ी है. पुलिस का कहना है कि भोलू ने कथित तौर पर शूटर्स को हथियार और पैसे उपलब्ध कराए और हत्या को अंजाम देने के लिए निर्देश दिए.
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर वारदात की जिम्मेदारी लेने वाली एक पोस्ट भी सामने आई थी. पुलिस ने इस पोस्ट को जांच का अहम हिस्सा बनाया और इसके डिजिटल ट्रेल को खंगालते हुए विदेश में मौजूद संदिग्ध संपर्कों तक पहुंचने की कोशिश की.
कनाडा में बैठे चिराग तक पहुंची जांच
पुलिस के अनुसार, राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया का चचेरा भाई चिराग कनाडा में रहता है. जांच एजेंसियों को संदेह है कि वह विदेश में रहकर गैंग की गतिविधियों को मदद या संचालन से जुड़ा हो सकता है.
पुलिस का दावा है कि अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर डाली गई जिम्मेदारी वाली पोस्ट की जांच के दौरान उसका कनेक्शन कनाडा के एक नंबर से सामने आया. अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चिराग की इस हत्याकांड में वास्तविक भूमिका क्या थी और क्या विदेश से ही स्थानीय शूटर्स को निर्देश दिए गए थे.
गोगी गैंग के नेटवर्क की भी पड़ताल
जांच का एक सिरा गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी के नेटवर्क से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है. पुलिस के मुताबिक, गोगी की मौत के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े लोग अलग-अलग जगहों से गैंग की गतिविधियां चला रहे हैं. गोगी के भतीजे मोंटी मान के विदेश में होने और गैंग से जुड़े रहने के एंगल की भी जांच की जा रही है.
ऐसे में पुलिस स्थानीय शूटर्स, हरियाणा के गैंग नेटवर्क और विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों के बीच संपर्क की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है.
इस मामले में एक और अहम कड़ी सामने आई है. पुलिस जांच के मुताबिक, एनकाउंटर में मारे गए सुमित और मोहित के नाम हरियाणवी सिंगर हर्षिता दहिया हत्याकांड से भी जुड़े होने की बात सामने आई है. इसके बाद जांच एजेंसियां दोनों मामलों के बीच किसी संभावित आपराधिक या गैंग कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही हैं.
होटल राजमहल के पास हुआ एनकाउंटर
अंकित हत्याकांड में वांछित सुमित और मोहित को 31 अगस्त की सुबह शामली के सदर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया. पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाश शामली की तरफ आ रहे थे. पुलिस टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे मन्ना माजरा की तरफ भागने लगे.
पुलिस का कहना है कि होटल राजमहल के पास दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों को गोली लगी. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस कार्रवाई के दौरान दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है.
साजिश के पीछे कौन, अब इस सवाल का जवाब तलाश रही पुलिस
दोनों कथित शूटर्स की मौत के बाद अब पुलिस का फोकस पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है. जांच में होटल में की गई रेकी, स्नैपचैट के जरिए कथित संपर्क, हथियार और पैसों की व्यवस्था, हरियाणा के गैंग नेटवर्क और कनाडा से जुड़े डिजिटल कनेक्शन को आपस में जोड़कर देखा जा रहा है.
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंकित बालियान की हत्या का असली मास्टरमाइंड कौन था, साजिश में विदेश में बैठे लोगों की क्या भूमिका थी और शूटर्स तक हत्या का आदेश आखिर किस माध्यम से पहुंचा.