BRICS Summit 2026 के चलते दिल्ली में लग्जरी होटलों की मांग अचानक बढ़ गई है. 11 से 13 सितंबर के आसपास कई प्रमुख होटलों में कमरे उपलब्ध नहीं हैं, जबकि जहां बुकिंग मिल रही है वहां किराए में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
KNews Desk: राजधानी दिल्ली में होने वाले BRICS Summit 2026 का असर होटल कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है. समिट में शामिल होने वाले विदेशी प्रतिनिधियों, अधिकारियों और अन्य मेहमानों के पहुंचने के कारण खासतौर पर सेंट्रल दिल्ली के लग्जरी होटलों में कमरों की मांग तेजी से बढ़ी है. इसका सीधा असर होटल के किराए पर पड़ा है.
होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म पर 11 से 13 सितंबर के बीच की उपलब्धता देखने पर कई बड़े होटलों में कमरे नहीं मिल रहे हैं. नई दिल्ली के ताज महल और ताज पैलेस में इन तारीखों के लिए कमरों की उपलब्धता नहीं दिखाई दे रही है. वहीं, द ओबेरॉय और द लीला पैलेस जैसे होटल भी कुछ तारीखों पर बुकिंग स्वीकार नहीं कर रहे हैं.
जिन लग्जरी होटलों में कमरे उपलब्ध हैं, वहां किराए में सामान्य दिनों के मुकाबले काफी उछाल देखने को मिल रहा है. ITC मौर्य और शांगरी-ला इरोस जैसे होटलों में उपलब्ध कमरों की कीमतें भी काफी अधिक बताई जा रही हैं.
होटल इंडस्ट्री के मुताबिक, समिट से पहले दिल्ली पहुंचने वाले डेलीगेट्स और अन्य विदेशी मेहमान लंबे समय तक रुकने की योजना बना रहे हैं. इससे सेंट्रल दिल्ली में होटल कमरों की उपलब्धता पर अतिरिक्त दबाव बन गया है.
होटल के किराए में 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ोतरी
रेडिसन होटल ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर और COO (साउथ एशिया) निखिल शर्मा के मुताबिक, सितंबर में होटल बुकिंग की मांग मजबूत बनी हुई है. उनके अनुसार, ग्रुप के पोर्टफोलियो में औसत कमरे का किराया सालाना आधार पर 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है.
उन्होंने बताया कि दिल्ली में होने वाला BRICS Summit इस बढ़ी हुई मांग की प्रमुख वजहों में से एक है. समिट की तारीख नजदीक आने के साथ आखिरी समय में बुकिंग बढ़ने की संभावना भी जताई गई है.
आम यात्रियों की बढ़ सकती है परेशानी
होटल के किराए में बढ़ोतरी का असर दिल्ली आने वाले पर्यटकों, बिजनेस ट्रैवलर्स और परिवारों पर भी पड़ सकता है. महंगे होटल किराए से बचने के लिए यात्रियों को सेंट्रल दिल्ली से दूर होटल तलाशने पड़ सकते हैं. कुछ लोग अपनी यात्रा की तारीख बदलने या बजट होटल और अन्य ठहरने के विकल्पों का रुख करने को भी मजबूर हो सकते हैं.
हालांकि, होटल के कमरे का किराया और उपलब्धता स्थायी नहीं है. बुकिंग, कैंसिलेशन और होटल की इन्वेंट्री के अनुसार कीमतें लगातार बदल सकती हैं. इसलिए मौजूदा टैरिफ को पूरे सितंबर का तय बाजार भाव नहीं माना जा सकता.