Knews Desk– उत्तर प्रदेश को देश का बड़ा स्टार्टअप और इनोवेशन हब बनाने की दिशा में योगी सरकार ने नई पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित ‘यूपी स्टार्टअप इकोसिस्टम इवेंट-2026’ में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ के नए पोर्टल का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया और प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप हैं, जबकि वर्ष 2017 से पहले इनकी संख्या करीब 120 थी। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वालों से नौकरी देने वाला बनाने और नए विचारों को कारोबार में बदलने के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।
नई स्टार्टअप नीति के तहत प्रदेश में इनोवेशन और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को हर महीने 20 हजार रुपये तक का निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वहीं, नए प्रोडक्ट या तकनीक का प्रोटोटाइप तैयार करने के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
स्टार्टअप्स को कारोबार बढ़ाने के लिए 15 लाख रुपये तक सीड कैपिटल सपोर्ट भी दिया जाएगा। इसके अलावा निवेश के आधार पर 5 करोड़ रुपये तक की मैचिंग ग्रांट का प्रावधान किया गया है। सरकार की ओर से 2 करोड़ रुपये तक के व्यावसायिक ऋण पर 4 प्रतिशत तक की ब्याज सहायता देने की व्यवस्था भी की गई है।
नई नीति में डीप-टेक स्टार्टअप्स पर विशेष जोर दिया गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और बायोटेक जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और नोएडा में विशेष डीप-टेक यू-हब स्थापित किए जाएंगे। डीप-टेक क्षेत्र में काम करने वाले स्टार्टअप्स के लिए 40 करोड़ रुपये तक के लॉन्ग-टर्म कैपिटल की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सात बेहतरीन स्टार्टअप्स को सम्मानित किया। इसके अलावा नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि और नौ इनक्यूबेटर्स को करीब 1.79 करोड़ रुपये की सहायता वितरित की गई। वहीं, 12 नए इनक्यूबेटर्स को मान्यता प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नए विचारों से नए उद्यम और नए उद्यमों से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। सरकार का प्रयास उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख इनोवेशन केंद्रों में शामिल करना है। नई नीति और स्टार्टअप मिशन पोर्टल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।