नेपाल में भीषण बाढ़ से मचा हाहाकार, तबाही देख भावुक हुईं मनीषा कोइराला, बोलीं- ‘प्रार्थना करें’

Knews Desk – नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने लोगों को दहला दिया है. बुधवार को नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी. देखते ही देखते पानी और मलबे की तेज धार ने घरों, सड़कों, पुलों और दूसरी संरचनाओं को अपनी चपेट में ले लिया. घटना के कई खौफनाक वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें तबाही का मंजर देखा जा सकता है.

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुरुआती घंटों में बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबर सामने आई. 26 अगस्त को अधिकारियों ने कम से कम 157 लोगों की मौत की पुष्टि की थी, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए गए थे. 27 अगस्त तक लापता लोगों की संख्या बढ़कर 826 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.

इस प्राकृतिक आपदा ने बॉलीवुड एक्ट्रेस मनीषा कोइराला को भी परेशान कर दिया है. नेपाल में जन्मी मनीषा ने सोशल मीडिया पर बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरें शेयर करते हुए लोगों से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करने की अपील की है.

मनीषा कोइराला ने क्या कहा?

मनीषा कोइराला ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर नेपाल में तबाही की तस्वीर शेयर की. इसके साथ उन्होंने लिखा, “नेपाल के लिए प्रार्थना करें. आइए हम सभी मिलकर प्रार्थना और समर्थन का हाथ आगे बढ़ाएं.” एक्ट्रेस के इस पोस्ट से साफ है कि वह अपने देश में हुई इस भयावह तबाही से बेहद चिंतित हैं.

नेपाल में आई इस बाढ़ से भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं. शुरुआती रिपोर्टों में बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी. भारत सरकार ने भी राहत और बचाव के लिए नेपाल की मदद का हाथ बढ़ाया है.

कैसे आई इतनी भयानक बाढ़?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह तबाही नेपाल-चीन सीमा के पास हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने के बाद शुरू हुई. इससे नदी में बर्फ, चट्टानों और मलबे का भारी बहाव आया और अचानक पानी की विशाल लहर नीचे की ओर बढ़ गई. शुरुआती तौर पर भूकंप को संभावित वजह माना गया था, लेकिन बाद के आकलनों में ग्लेशियर/लैंडस्लाइड को मुख्य कारण बताया गया.

बाढ़ ने कई महत्वपूर्ण सड़कों और पुलों को भी नुकसान पहुंचाया है. राहत एवं बचाव दल हेलीकॉप्टर, ड्रोन और अन्य माध्यमों से प्रभावित इलाकों तक पहुंचने और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण बचाव अभियान में काफी चुनौतियां आ रही हैं.

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