प्रयागराज में देर रात हुई तेज बारिश के बाद करेली इलाके में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। कई सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं, जबकि नाले का पानी आसपास की कॉलोनियों में घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
Knews Desk- उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय है और कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रयागराज में भी देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद करेली क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव हो गया। कई इलाकों की सड़कें और गलियां पानी से भर गईं, जिससे लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
करेली के एसडीएम चौराहे के पास स्थित नाले में पानी बढ़ने के बाद उसके आसपास की कॉलोनियों में भी पानी पहुंच गया। देखते ही देखते कई रास्ते जलमग्न हो गए। सड़कों पर खड़े कई वाहन भी पानी में फंस गए। हालात बिगड़ने पर एनडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की।
घुटनों तक पानी, घरों से निकलना हुआ मुश्किल
करेली की कई गलियों में घुटनों तक पानी भर जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। नाले का पानी कॉलोनियों की ओर आने के कारण स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल रहा। कई जगहों पर सड़क और गलियों में इतना पानी जमा हो गया कि वहां से गुजरना मुश्किल हो गया।
जलभराव का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा, जिनके वाहन सड़क किनारे खड़े थे। पानी बढ़ने के कारण कई वाहन उसमें फंस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश होते ही इलाके में जलभराव की समस्या सामने आ जाती है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नालों की नियमित सफाई और बेहतर जलनिकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बार तेज बारिश में इलाके में पानी भर जाता है। लोगों ने नालों की सफाई के साथ-साथ प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग की है।
मानसून की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 24 जिलों में भारी से अति भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं 22 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के 56 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से मौसम को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।