Knews Desk- जम्मू-कश्मीर में सीमा से जुड़े इलाकों की कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीमा सड़क संगठन (BRO) की ओर से तैयार की गई करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग को सुरक्षाबलों और छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इसके शुरू होने से जम्मू से राजौरी और पुंछ तक आवाजाही पहले के मुकाबले आसान और तेज होने की उम्मीद है।
राजौरी और पुंछ जिले नियंत्रण रेखा (LoC) के बेहद करीब स्थित हैं। इन क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की लगातार आवाजाही रहती है और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिहाज से यह पूरा इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में नई सुरंग सुरक्षाबलों के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे कठिन पहाड़ी रास्तों पर यात्रा का समय कम होगा और संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, सुरंग के इस्तेमाल से जम्मू से राजौरी और पुंछ की तरफ जाने वाले वाहनों को करीब 20 से 30 मिनट तक का समय बच सकता है। फिलहाल इसे सुरक्षाबलों और छोटे वाहनों के लिए खोला गया है। आने वाले समय में इसके व्यापक इस्तेमाल से स्थानीय लोगों को भी यात्रा में राहत मिलने की उम्मीद है।
चार सुरंगों से बदलेगा जम्मू-पुंछ मार्ग
जम्मू-पुंछ हाईवे पर कुल चार सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से तीन सुरंगों का काम पूरा हो चुका है, जबकि भिम्बर गली इलाके में चौथी सुरंग का निर्माण अभी जारी है। परियोजना के सभी हिस्सों के पूरा होने के बाद जम्मू से पुंछ के बीच सफर में करीब एक घंटे तक की बचत होने का अनुमान है।
इस परियोजना का महत्व केवल यातायात व्यवस्था तक सीमित नहीं है। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर सड़क और सुरंग कनेक्टिविटी सुरक्षा के लिहाज से भी अहम है। राजौरी-पुंछ सेक्टर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सुरक्षाबलों को तेज और सुरक्षित आवाजाही की जरूरत होती है। सुरंगों के जरिए पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर निर्भरता कम होगी।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
क्षेत्र में लगातार बनी सुरक्षा चुनौतियों के बीच सड़क ढांचे का मजबूत होना सुरक्षाबलों की परिचालन क्षमता को बेहतर कर सकता है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों, छोटे वाहनों और जरूरी सेवाओं के लिए भी आवागमन अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
तीन सुरंगों का निर्माण पूरा होने के बाद अब चौथी सुरंग के काम पर नजर है। इसके पूरा होने के साथ जम्मू-पुंछ हाईवे की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। पूरी परियोजना के तैयार होने पर यह मार्ग सुरक्षा, परिवहन और सीमावर्ती क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।