लोगों की आवाज नहीं सुन रही सरकार, हम इन्हें पागल कर देंगे: राहुल गांधी

Knews Desk– कांग्रेस के रचनात्मक राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता और छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका गया। उन्होंने उत्तराखंड की एक रेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की समस्याएं सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, “हम इनको पागल कर देंगे।”

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी रात में नहीं सोते और इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें से कुछ छिपे हुए हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने उन्हें ‘सो कॉल्ड चाणक्य’ और ‘सरदार पटेल’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह संसद में विपक्ष और जनता की आवाज का सामना करने से बचते हैं। राहुल ने कहा कि सत्ता पक्ष पहली बार भारत का असली एक्सप्रेशन सुन रहा है।

‘डरने की जरूरत नहीं’

राहुल गांधी ने कहा कि अगर वह आदेश देने वाले व्यक्ति से डर जाएंगे तो अपनी बात खुलकर नहीं रख पाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में कई लोग डर की वजह से कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से बिना डरे अपनी बात रखने की अपील करते हुए कहा कि अगर सामने ‘जोकरों का समूह’ हो तो डरने की जरूरत नहीं है। इस दौरान उन्होंने RSS पर भी निशाना साधा।

उन्होनें यह भी कहां कि RSS को आज के भारत को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश को केवल हजारों साल पुराने इतिहास के नजरिए से नहीं, बल्कि वर्तमान भारत के संदर्भ में समझना होगा।

उन्होंने दावा किया कि RSS का इस्तेमाल राजनीतिक तौर पर किया गया है। साथ ही कहा कि अगर RSS को दबाने की कोशिश होगी तो कांग्रेस उसकी रक्षा के लिए तैयार रहेगी।

नोटबंदी और GST को लेकर केंद्र पर हमला

राहुल गांधी ने कहा कि कभी RSS छोटे कारोबारियों की ताकत हुआ करता था, लेकिन नोटबंदी और गलत GST लागू होने से छोटे कारोबारियों को नुकसान पहुंचा।

उन्होंने आरोप लगाया कि RSS में कॉरपोरेट प्रभाव बढ़ने की शुरुआत प्रमोद महाजन के दौर से हुई और नरेंद्र मोदी के समय यह प्रक्रिया और तेज हुई। राहुल ने दावा किया कि आज पुराना RSS खत्म हो चुका है और संगठन बड़े पूंजीगत हितों का माध्यम बन गया है।

‘प्रधानमंत्री प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि यह एक मार्केटिंग रणनीति है, लेकिन प्रधानमंत्री के साथ कुछ समय बिताने के बाद उन्हें लगा कि इसके पीछे दूसरी वजह हो सकती है।

उन्होंने सम्मेलन में मौजूद लोगों से अपनी बात खुलकर रखने की अपील की। राहुल ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था के बारे में बोलने की आजादी होनी चाहिए और गलत बात होने पर उसे समझाया जा सकता है।

विदेश नीति पर भी उठाए सवाल

राहुल गांधी ने अपने बचपन की एक घटना का जिक्र करते हुए भारत की विदेश नीति पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत का प्रधानमंत्री किसी दूसरे देश में केवल दोस्ती करने नहीं, बल्कि देश के हितों को आगे बढ़ाने के लिए जाता है।

ईरान-अमेरिका संबंधों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसरों के बावजूद पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में आ गया और प्रधानमंत्री इसे रोक नहीं सके।

उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें कुछ सूचनाएं मिलती हैं। राहुल ने अरुणाचल प्रदेश में चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र में पेट्रोलिंग रोके जाने का आरोप लगाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *