KNEWS DESK- झारखंड में JPSC-JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच जारी गतिरोध खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है। हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव दिया है। बुधवार को सरकार की ओर से रांची के प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन स्थल पहुंचे और छात्रों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाकर सरकार के साथ वार्ता करने की अपील की। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने बंद कमरे में बैठक करने से इनकार करते हुए कैमरों के सामने बातचीत की मांग रखी है।
आंदोलन स्थल पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच बुधवार को प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। सरकार की तरफ से बातचीत का प्रस्ताव लेकर ADM और SDO आंदोलन स्थल पर पहुंचे और छात्रों से चर्चा की।
अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को बताया कि राज्य सरकार उनकी मांगों और समस्याओं पर बातचीत करना चाहती है। उन्होंने कहा कि वे सरकार के प्रतिनिधि के रूप में यहां आए हैं और चाहते हैं कि बातचीत के जरिए मौजूदा गतिरोध का समाधान निकाला जाए।
पांच छात्रों का प्रतिनिधिमंडल बनाने का प्रस्ताव
सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से पांच सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल तैयार करने को कहा है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से प्रतिनिधिमंडल में शामिल पांच लोगों के नाम मांगे, ताकि सरकार के साथ औपचारिक वार्ता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
छात्र प्रतिनिधियों को बुधवार शाम चार बजे बातचीत के लिए बुलाया गया। प्रशासन की कोशिश है कि छात्र सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करें और दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर विवाद का समाधान निकालने की दिशा में आगे बढ़ें।
कैमरे के सामने बातचीत की मांग पर अड़े छात्र
सरकार के प्रस्ताव के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया। छात्रों का कहना है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार के साथ होने वाली बैठक पारदर्शी तरीके से हो और बातचीत कैमरों के सामने की जाए।
छात्रों ने बैठक स्थल पर CCTV और मीडिया कैमरों की मौजूदगी की मांग रखी। वहीं अधिकारियों की ओर से छात्रों को समझाने की कोशिश की गई कि वे पहले सरकार के साथ बातचीत के लिए आगे आएं। अधिकारियों ने वन-टू-वन बातचीत का प्रस्ताव रखा, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्र कैमरे के सामने बैठक की अपनी मांग पर कायम रहे।
अधिकारियों ने की छात्रों को मनाने की कोशिश
छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस मुद्दे पर काफी देर तक बातचीत हुई। अधिकारियों ने छात्रों से सरकार के प्रस्ताव पर सकारात्मक तरीके से विचार करने की अपील की। प्रशासन की तरफ से कहा गया कि मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत की पहल की गई है, इसलिए छात्र इसका सम्मान करते हुए वार्ता के लिए आगे आएं।
हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों को लेकर होने वाली किसी भी बातचीत में पारदर्शिता जरूरी है। उनका कहना है कि कैमरे के सामने बैठक होने से बाद में बातचीत को लेकर किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
12 दिनों से आंदोलन पर डटे हैं छात्र
जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न मांगों को लेकर छात्र पिछले करीब 12 दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी सरकार से कार्रवाई और समाधान की मांग कर रहे हैं।
लगातार जारी आंदोलन के बीच अब सरकार की ओर से औपचारिक वार्ता का प्रस्ताव आने को महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अगर छात्र प्रतिनिधिमंडल सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार होता है, तो लंबे समय से जारी गतिरोध खत्म करने की दिशा में यह पहला बड़ा औपचारिक कदम हो सकता है।
सरकार और छात्रों की बातचीत पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार छात्रों की कैमरे के सामने बातचीत की मांग स्वीकार करती है या नहीं। एक तरफ सरकार पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ औपचारिक बैठक चाहती है, वहीं दूसरी तरफ छात्र पूरी बातचीत को पारदर्शी रखने पर जोर दे रहे हैं।
अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों पक्ष बातचीत के स्वरूप को लेकर किसी सहमति पर पहुंच पाते हैं या नहीं। सरकार की पहल के बाद आंदोलन के समाधान की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन छात्रों की शर्तों के कारण वार्ता को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।