योगी सरकार की योजना बनी सहारा, 15 दिन में मिला 5 लाख का ब्याजमुक्त लोन, खड़ा किया सफल स्टार्टअप

Knews Desk- उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा योजना) राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। इस योजना के जरिए हजारों युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल रहा है। सरकार का दावा है कि यह पहल युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। लखनऊ की रहने वाली बायोटेक्नोलॉजिस्ट तूबा सिद्दीकी इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं।

तूबा सिद्दीकी ने प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से केमिकल-मुक्त उत्पाद तैयार करने के अपने सपने को सरकारी सहायता के बल पर साकार किया। आज उनका स्टार्टअप न केवल एक सफल ब्रांड के रूप में पहचान बना रहा है, बल्कि कई महिलाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है। उनकी सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपना व्यवसाय शुरू करने का सपना देखते हैं। तूबा बताती हैं कि कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही उनका लक्ष्य नौकरी करने के बजाय अपना उद्यम स्थापित करना था। बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा होने के कारण उनकी रुचि प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और हर्बल उत्पादों के क्षेत्र में थी। वह ऐसे उत्पाद विकसित करना चाहती थीं जो पूरी तरह केमिकल-मुक्त हों और लोगों को सुरक्षित तथा प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध करा सकें।

हालांकि, अपने इस सपने को साकार करने की राह आसान नहीं थी। शुरुआती दौर में उनके पास व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक पूंजी नहीं थी। न तो उनके पास किसी कॉर्पोरेट क्षेत्र का अनुभव था और न ही मशीनरी खरीदने तथा कच्चा माल जुटाने के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन। ऐसे में उन्हें अपना सपना अधूरा होता नजर आने लगा। इसी दौरान तूबा को इंटीग्रेटेड फाउंडेशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। तूबा के अनुसार, आवेदन के महज 15 दिनों के भीतर उन्हें बिना किसी बैंक गारंटी के 5 लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण स्वीकृत हो गया।

सरकार से मिली इस आर्थिक सहायता ने उनके सपनों को नई उड़ान दी। ऋण की राशि से उन्होंने आवश्यक मशीनरी खरीदी, उत्पादन इकाई स्थापित की और हर्बल उत्पादों का निर्माण शुरू किया। धीरे-धीरे उनके उत्पादों को बाजार में पहचान मिलने लगी और उनका स्टार्टअप एक सफल ब्रांड के रूप में विकसित होने लगा। तूबा का कहना है कि यदि उन्हें सरकार की इस योजना का सहयोग नहीं मिलता, तो अपना व्यवसाय शुरू करना बेहद कठिन होता। योजना के तहत बिना गारंटी और ब्याजमुक्त ऋण मिलने से आर्थिक बोझ कम हुआ और कारोबार शुरू करने में काफी सुविधा मिली। उनका मानना है कि यह योजना विशेष रूप से उन युवाओं के लिए बेहद उपयोगी है, जिनके पास बेहतर व्यावसायिक विचार तो हैं, लेकिन पूंजी का अभाव उन्हें आगे बढ़ने से रोक देता है।

आज तूबा का उद्यम केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। उनके स्टार्टअप के माध्यम से स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ी है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उद्देश्य राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देना, युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और नए रोजगार के अवसर सृजित करना है। सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से युवाओं को वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

तूबा सिद्दीकी की सफलता इस बात का उदाहरण है कि सही मार्गदर्शन, मजबूत इच्छाशक्ति और सरकारी सहयोग मिलने पर युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। उनकी कहानी न केवल नए उद्यमियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ उठाकर रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।

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