Knews Desk- अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के कथित मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आज बुलाई गई है। यह बैठक इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि विवाद के बीच यह पहली बड़ी बैठक है, जिसमें ट्रस्ट के भविष्य के ढांचे और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ट्रस्ट के सभी प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे। इसमें महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ ट्रस्टी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा मंदिर निर्माण और प्रबंधन से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारी भी बैठक में भाग ले सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक में मंदिर के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर विस्तृत चर्चा होगी।
बैठक का सबसे अहम एजेंडा महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के इस्तीफों पर विचार करना है। यदि दोनों के इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं, तो ट्रस्ट के संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव संभव है। इसके साथ ही ट्रस्ट में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति पर भी मंथन किया जाएगा। कुछ नामों को लेकर अंदरखाने चर्चा तेज है, जिससे आने वाले दिनों में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना और बढ़ गई है।
इसके अलावा बैठक में राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। हाल ही में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी मामले के बाद ट्रस्ट प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतने के मूड में है। सुरक्षा ऑडिट, सीसीटीवी निगरानी और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली को और सख्त बनाने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार हो सकता है।
वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी बैठक में अहम चर्चा होने की उम्मीद है। चढ़ावा संग्रह और उसके प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा सकती है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को रोका जा सके। ट्रस्ट यह भी तय कर सकता है कि चढ़ावे की निगरानी के लिए नई प्रणाली या स्वतंत्र ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए।
राम मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी एजेंडा का हिस्सा है। ट्रस्ट निर्माण कार्यों की मौजूदा स्थिति और आगामी चरणों पर भी रिपोर्ट ले सकता है, ताकि मंदिर निर्माण समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके। यह बैठक न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी बेहद निर्णायक मानी जा रही है। आने वाले दिनों में लिए गए फैसलों से ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और नेतृत्व संरचना दोनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।