Knews Desk- विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज से छह देशों के महत्वपूर्ण दौरे पर निकल रहे हैं। इस दौरे के दौरान वह पश्चिम एशिया के चार देशों—कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान—के अलावा अमेरिका और बेल्जियम का भी दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत के रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत करना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को सशक्त बनाना है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, जयशंकर सबसे पहले कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान जाएंगे। इन देशों में वह अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक परिस्थितियां लगातार बदल रही हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है। ऐसे में नई दिल्ली की प्राथमिकता ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना और अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ मजबूत संवाद कायम रखना है।
पश्चिम एशिया के बाद विदेश मंत्री अमेरिका जाएंगे। न्यूयॉर्क में वह 13 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 2028-29 की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे। भारत लंबे समय से वैश्विक संस्थाओं में अपनी भूमिका मजबूत करने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों की वकालत करता रहा है। इस अभियान की शुरुआत भारत की वैश्विक कूटनीतिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।अमेरिका दौरे के बाद जयशंकर 14 और 15 जुलाई को बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स पहुंचेंगे। यहां वह भारत-यूरोपीय संघ (EU) ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की तीसरी मंत्री स्तरीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में व्यापार, तकनीक, डिजिटल सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, हरित ऊर्जा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा वह यूरोपीय संघ और बेल्जियम के वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।
इस दौरे से पहले विदेश मंत्री ने कैरिबियाई देशों की यात्रा भी पूरी की थी। त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भारत ने पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे, सौर ऊर्जा, आयुर्वेद और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है।त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा के दौरान जयशंकर ने वहां की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, फोरेंसिक, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
विदेश नीति के जानकारों का मानना है कि जयशंकर का यह बहु-देशीय दौरा भारत की सक्रिय कूटनीति का हिस्सा है। पश्चिम एशिया में ऊर्जा सुरक्षा, अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए भारत का अभियान और यूरोप के साथ व्यापार एवं तकनीकी साझेदारी जैसे मुद्दे इस यात्रा को विशेष महत्व देते हैं। आने वाले दिनों में इन बैठकों के नतीजे भारत के वैश्विक संबंधों और रणनीतिक हितों के लिहाज से अहम माने जाएंगे।