KNEWS DESK – जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास भारतीय क्षेत्र के भीतर पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू सेक्टर में सीमा से काफी अंदर तक पाकिस्तान के 2जी और 4जी मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल दर्ज किए गए हैं, जिसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इन नेटवर्क सिग्नलों के जरिए आतंकवादी और उनके ओवरग्राउंड वर्कर (OGW) बिना सामान्य मोबाइल ट्रेसिंग के आपस में संपर्क साध सकते हैं और अपनी गतिविधियों का समन्वय कर सकते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी व्यवस्था को चुनौती मिलने की आशंका जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा से सटे इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी निगरानी को और मजबूत कर दिया है। साथ ही सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पाकिस्तानी नेटवर्क भारत में कैसे पहुंचा?
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह भी जांच का विषय है कि पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्क के सिग्नल भारतीय क्षेत्र के भीतर इतनी दूरी तक कैसे पहुंच रहे हैं। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमें जांच में जुट गई हैं।
एजेंसियों का मानना है कि यदि इन सिग्नलों का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधियों में होता पाया जाता है, तो उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।
किन इलाकों में मिल रहे सिग्नल?
जानकारी के अनुसार, कठुआ, राजौरी, पुंछ और सांबा जैसे सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तानी मोबाइल नेटवर्क (जैसे जैज, जोंग, टेलीनॉर आदि) के सिग्नल अक्सर दर्ज किए जाते हैं। आशंका है कि इनका इस्तेमाल एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन के जरिए सीमा पार संपर्क के लिए किया जा सकता है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा मानते हुए हर पहलू की गहन जांच कर रही हैं।