स्लोवाकिया में गूंजा भारत का नाम, PM मोदी को मिला स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान

KNEWS DESK- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी यूरोपीय यात्रा के दौरान एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है। स्लोवाकिया ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से सम्मानित किया। यह सम्मान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने ब्रातिस्लावा में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया।

यह सम्मान भारत और स्लोवाकिया के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों तथा वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जा रहा है। किसी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया यह 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इससे पहले उन्हें नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।

सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकिया की जनता और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के 140 करोड़ नागरिकों का सम्मान है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत और स्लोवाकिया के बीच गहरी मित्रता और सहयोग को समर्पित किया।

स्लोवाकिया का ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ देश का सर्वोच्च राजकीय सम्मान है। यह पुरस्कार उन विदेशी नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने स्लोवाकिया के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने, विदेश नीति के हितों को आगे बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की प्रतिष्ठा बढ़ाने में विशेष योगदान दिया हो।

अपने दो दिवसीय स्लोवाकिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद वहां की आधिकारिक यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिसरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले राष्ट्रपति भवन परिसर में आयोजित विशेष योग सत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने भाग लिया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत से प्रेरित एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसने भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान न केवल प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि भारत की बढ़ती कूटनीतिक ताकत और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का भी प्रमाण है।

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