Knews Desk- दिल्ली में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं और मालवीय नगर अग्निकांड में 23 लोगों की मौत के बाद रेखा गुप्ता सरकार फायर सेफ्टी को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकार राजधानी के बिल्डिंग बायलॉज में व्यापक संशोधन करने पर विचार कर रही है, जिसके तहत छोटे-बड़े सभी मकानों को फायर सेफ्टी मानकों के दायरे में लाया जा सकता है।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सरकार मौजूदा नियमों की समीक्षा कर रही है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कानूनी बदलाव किए जाएंगे। प्रस्तावित संशोधनों के तहत स्वतंत्र मकान, बिल्डर फ्लोर, गेटेड सोसाइटी और लो-राइज अपार्टमेंट्स में भी फायर सेफ्टी के जरूरी इंतजाम अनिवार्य किए जा सकते हैं।
वर्तमान में 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतें फायर एनओसी (NOC) के नियमों के दायरे से बाहर हैं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद इन्हें भी सुरक्षा मानकों का पालन करना पड़ सकता है। सरकार विशेष रूप से हर घर में स्मोक डिटेक्टर लगाने को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती चेतावनी मिल सके और बड़े हादसों को रोका जा सके।
सरकार का मानना है कि दिल्ली की बढ़ती आबादी और घनी बस्तियों को देखते हुए केवल हाईराइज इमारतों तक फायर सेफ्टी नियम सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से राजधानी के रिहायशी ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने की तैयारी की जा रही है।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो दिल्ली के लाखों मकान मालिकों और बिल्डर फ्लोर निवासियों को नए सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। सरकार जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।