Knews Desk- केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती कर दी है। अब उज्ज्वला योजना के तहत पात्र परिवारों को सालभर में केवल 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे पहले अधिक संख्या में सिलेंडरों पर सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती थी।
सरकार के इस फैसले का असर देशभर के करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ेगा। योजना के तहत गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया था ताकि वे पारंपरिक ईंधन की जगह स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर सकें। हालांकि अब सब्सिडी की सीमा घटने से इन परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में लाभार्थी सालभर में चार से अधिक सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। ऐसे में निर्धारित सीमा से अधिक सिलेंडर खरीदने पर उन्हें बाजार मूल्य का भुगतान करना होगा। इससे ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंता बढ़ गई है। सरकार का कहना है कि सब्सिडी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और लक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके जरिए उन परिवारों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सरकारी सब्सिडी खर्च में कमी आएगी, लेकिन गरीब परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।
उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बचाना और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना था। योजना के तहत अब तक करोड़ों परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार के इस नए फैसले के बाद लाभार्थियों को अपनी गैस खपत और घरेलू खर्च का बेहतर प्रबंधन करना पड़ सकता है। आने वाले समय में इस निर्णय का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव भी देखने को मिल सकता है।