KNEWS DESK- देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। आने वाले दिनों में ऑनलाइन खाना मंगवाना भी महंगा पड़ सकता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्यूल की बढ़ी कीमतों का असर फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों जैसे Swiggy और Zomato की लागत पर पड़ सकता है। इससे डिलीवरी चार्ज बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
डिलीवरी पार्टनर्स मांग सकते हैं ज्यादा पेमेंट
एलारा कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूल महंगा होने से गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स ज्यादा पेमेंट की मांग कर सकते हैं। इसका सीधा असर कंपनियों की डिलीवरी इकोनॉमिक्स पर पड़ सकता है।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कंपनियां इस असर को कुछ हद तक ग्राहकों पर अतिरिक्त चार्ज लगाकर और कुछ हिस्सा खुद वहन करके संभाल सकती हैं।
हर ऑर्डर पर कितना बढ़ सकता है खर्च?
रिपोर्ट के मुताबिक, क्विक कॉमर्स ऑर्डर की एवरेज डिलीवरी कॉस्ट लगभग 35 से 50 रुपए तक होती है, जबकि फूड डिलीवरी के लिए यह लागत करीब 55 से 60 रुपए प्रति ऑर्डर मानी गई है।
अनुमान के अनुसार, अगर डिलीवरी कॉस्ट में फ्यूल का हिस्सा करीब 20 फीसदी माना जाए, तो हर ऑर्डर पर लगभग 9 से 10 रुपए सिर्फ फ्यूल पर खर्च होते हैं। फ्यूल की कीमतों में हालिया 4 फीसदी बढ़ोतरी से हर ऑर्डर पर लगभग 40 से 50 पैसे तक का अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।
अगर पेट्रोल और महंगा हुआ तो बढ़ेगी परेशानी

रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि अगर आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और ज्यादा बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर और गंभीर हो सकता है। अगर फ्यूल की कीमतें करीब 10 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ती हैं, तो हर ऑर्डर पर लागत 1 से 1.2 रुपए तक बढ़ सकती है। इससे कंपनियों की कमाई और मुनाफे पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है।
ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो फूड डिलीवरी ऐप्स भविष्य में डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म फीस या अन्य चार्ज बढ़ा सकते हैं।
ऐसे में घर बैठे खाना ऑर्डर करना पहले के मुकाबले थोड़ा महंगा पड़ सकता है। हालांकि कंपनियां फिलहाल इस असर को सीमित रखने की कोशिश कर रही हैं ताकि ग्राहकों की संख्या पर ज्यादा असर न पड़े।