KNEWS DESK- पश्चिम बंगाल की राजनीति शनिवार को एक ऐतिहासिक मोड़ लेने जा रही है। 25 बैशाख और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के अवसर पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भारतीय जनता पार्टी की पहली सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा। भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
यह पहली बार होगा जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का गठन हो रहा है और राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में किसी मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर को भव्य और सांस्कृतिक रूप से विशेष बनाने के लिए बंगाली परंपरा और संस्कृति की झलक भी मंच पर दिखाई जाएगी।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी रहेगी। इसके अलावा भाजपा और एनडीए शासित 21 राज्यों के मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ब्रिगेड परेड ग्राउंड को करीब 35 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। कई सेक्टरों को मिलाकर विशेष ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां एक-एक आईपीएस अधिकारी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरे आयोजन की सुरक्षा की निगरानी कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंदा स्वयं करेंगे।
VVIP मेहमानों के लिए ग्राउंड के शुरुआती ब्लॉकों में विशेष व्यवस्था की गई है। सूत्रों के मुताबिक करीब 40 VVIP अतिथि समारोह में शामिल हो सकते हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।भाजपा समर्थकों की संभावित लाखों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए शहरभर में निगरानी बढ़ा दी गई है। ब्रिगेड ग्राउंड के आसपास स्थित ऊंची इमारतों से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां नजर रखेंगी। वहीं VVIP मूवमेंट और शहर की सुरक्षा पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनजर कोलकाता में विशेष ट्रैफिक नियंत्रण लागू किया गया है। शनिवार सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। हालांकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट दी गई है। LPG, CNG, पेट्रोलियम पदार्थ, ऑक्सीजन, दवाइयां, सब्जियां, दूध, फल और मछली ले जाने वाले वाहनों को अनुमति रहेगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समारोह सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का प्रतीक बन सकता है।