डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल में वर्षों के राजनीतिक संघर्ष और चुनावी गहमागहमी के बाद आखिरकार नेतृत्व की तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा विधायक दल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आधिकारिक घोषणा करते हुए सुवेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल का नया मुख्यमंत्री नामित किया है। उनके साथ ही अग्निमित्रा पॉल और निसिथ प्रमाणिक को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विधायक दल को संबोधित करते हुए अमित शाह ने बंगाल की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा, “लेफ्ट और टीएमसी के खूनी शासन और व्यापक हिंसा के बीच जनता ने पीएम मोदी पर भरोसा जताते हुए प्रचंड जनादेश दिया है। मैं हाथ जोड़कर इस जीत के लिए बंगाल के लोगों का धन्यवाद करता हूँ।” शाह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अब बंगाल में ‘कटमनी सिस्टम’ का अंत होगा और भाजपा राज में अपराधी कभी नेता नहीं बन पाएंगे। उन्होंने चुनाव के दौरान शहीद हुए भाजपा के 321 कार्यकर्ताओं को ‘देवतुल्य’ बताते हुए उनकी शहादत को याद किया।
राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर सीधा हमला
अमित शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की अपरिपक्वता और नकारात्मक राजनीति की वजह से ही ‘इंडिया’ गठबंधन बिखर रहा है। शाह ने कहा, “कांग्रेस अब चुनाव नहीं जीत पा रही है, इसलिए वह ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया को बदनाम करने पर उतर आई है।”
उन्होंने आंकड़ों के जरिए कांग्रेस को घेरा:
- तमिलनाडु: 1967 से कांग्रेस का सीएम नहीं बना।
- पश्चिम बंगाल: 49 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है।
- गुजरात और बिहार: क्रमश: 30 और 36 साल से हार का सिलसिला जारी है। शाह ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या इन राज्यों में भी ‘वोट चोरी’ हुई थी? उन्होंने साफ किया कि कांग्रेस को हार के लिए ‘आत्मचिंतन’ करने की जरूरत है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना हुआ साकार
भावुक होते हुए गृह मंत्री ने कहा कि 1950 में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में शुरू हुई वैचारिक यात्रा आज सफल हुई है। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 370 हटने पर कार्यकर्ताओं ने कहा था कि अभी बंगाल में झंडा फहराना बाकी है। शाह ने कहा, आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मस्थान पर उनकी विचारधारा की सरकार बन रही है। वे जहाँ भी होंगे, पीएम मोदी को आशीर्वाद दे रहे होंगे।
लक्ष्य: ‘सोनार बांग्ला’ का पुनर्निर्माण
अमित शाह ने नवनिर्वाचित विधायकों और मुख्यमंत्री को जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य बंगाल को विदेशी विचारधाराओं के प्रभाव से मुक्त कराना है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि नई सरकार रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कल्पना वाले ‘सोनार बांग्ला’ का निर्माण करेगी।