डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने 37 दिनों से उलझी हुई एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। बिशारतगंज थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में जो खुलासा हुआ है, उसने सभी को हैरान कर दिया है महज शक और रंजिश के चलते एक हंसते-खेलते परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य को मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतक एक दिव्यांग युवक था जो ई-रिक्शा चलाकर मेहनत-मजदूरी से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गांव में उसकी छवि एक सीधे और मेहनती इंसान की थी। हालांकि, मुख्य आरोपी को यह नागवार गुजरता था कि मृतक उसकी पत्नी से बातचीत करता था। इसी बात को लेकर आरोपी के मन में गहरी रंजिश पैदा हो गई थी। हालांकि परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन आरोपी ने इस बातचीत को अपने सम्मान से जोड़ लिया और हत्या की साजिश रच डाली।
शराब पार्टी और फिर बेरहमी से कत्ल
वारदात वाले दिन की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी खौफनाक है। आरोपी ने पहले मृतक को अपने विश्वास में लिया और उसे साथ बैठाकर शराब पिलाई। जब मृतक नशे की हालत में आ गया, तो आरोपी उसे अपने साथियों के साथ गांव के बाहर एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां पहले उनके बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। आरोपियों ने दिव्यांग युवक को बेदम होने तक पीटा। क्रूरता की हद पार करते हुए आरोपियों ने युवक का सिर बिजली के खंभे से टकरा दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद गला दबाकर उसकी जान ले ली गई और शव को वहीं छोड़कर आरोपी फरार हो गए।
37 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद मिली सफलता
अगले दिन जब युवक का शव मिला, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बिशारतगंज पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती था क्योंकि मौके पर कोई ठोस सबूत नहीं थे। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली और गांव के दर्जनों लोगों से पूछताछ की। अंततः, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना पर पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुँचने में कामयाब रही। पुलिस हिरासत में आरोपी ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि उसे शक था कि मृतक उसकी पत्नी के करीब आ रहा है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। इसी जलन में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।