डिजिटल डेस्क- बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। यहाँ एक नाबालिग लड़की, जिसका मोबाइल चोरी हो गया था और जो अपनों तक पहुँचने के लिए मदद की गुहार लगा रही थी, उसे हवस का शिकार बनाया गया। तीन दरिंदों ने दो दिनों तक लड़की को बंधक बनाकर कार और एक निर्माणाधीन भवन में सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अब भी फरार है। पीड़िता मूल रूप से पूर्वी चंपारण की रहने वाली है और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में रहती थी। वह 1 मई को ट्रेन से अकेले पटना जंक्शन पहुँची थी। दोपहर करीब 3 बजे स्टेशन पर उतरने के बाद उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया। घबराई हुई मासूम रोने लगी, तभी विकास नाम का एक युवक उसके पास पहुँचा। विकास ने मदद का झांसा दिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बहाने उसे ऑटो से गांधी मैदान ले गया।
कार में दरिंदगी और जान से मारने की धमकी
गांधी मैदान पहुँचकर विकास ने अपने दोस्त अरविंद को कार के साथ बुलाया। मदद की उम्मीद में बैठी नाबालिग को इन हैवानों ने कार में बिठाया और रात के अंधेरे में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपियों ने उसे डराया-धमकाया कि अगर उसने शोर मचाया तो उसे जान से मार देंगे। अगले दिन, यानी 2 मई को भी आरोपी उसे पटना की सड़कों पर इधर-उधर घुमाते रहे और दहशत में रखा। हैवानियत यहीं नहीं रुकी। आरोपी उसे बेऊर थाना क्षेत्र के एक सुनसान निर्माणाधीन भवन में ले गए। वहां उन्होंने अपने एक और साथी पवन को बुला लिया। बताया जा रहा है कि तीनों ने वहां पहले खाना खाया और फिर बारी-बारी से पीड़िता के साथ दो बार और गैंगरेप किया। लगातार हो रही दरिंदगी के कारण नाबालिग की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने लगा।
दानापुर स्टेशन पर पकड़ी गई दरिंदगी
जब पीड़िता की हालत बेहद गंभीर हो गई, तो आरोपी उसे दानापुर स्टेशन के पास छोड़कर भाग निकले। पीड़िता किसी तरह रेंगते हुए प्लेटफॉर्म तक पहुँची। कुछ देर बाद आरोपी विकास फिर से वहां पहुँचा और लड़की को अपने साथ ले जाने के लिए दबाव बनाने लगा। लड़की को विरोध करते देख वहां मौजूद लोगों को शक हुआ। भीड़ ने विकास को पकड़कर जीआरपी के हवाले कर दिया, जहाँ कड़ी पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस की कार्रवाई और पीड़िता की स्थिति
जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विकास और उसके साथी पवन को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपी अरविंद की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।