लखनऊ पुलिस मुख्यालय के एएसआई ने की आत्महत्या, कमरे में लटका मिला शव, 4 पन्नों के सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ पुलिस मुख्यालय में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) ने संदिग्ध परिस्थितियों में अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे को स्तब्ध कर दिया है, बल्कि सुसाइड नोट और परिजनों के आरोपों ने मामले को पेचीदा बना दिया है। यह दुखद घटना सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के अहिमामऊ गांव की है। मृतक की पहचान सतेंद्र वर्मा (34) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से फतेहपुर जिले के तामेश्वर नगर के निवासी थे। सतेंद्र लखनऊ में किराए के कमरे में रहकर पुलिस मुख्यालय के ASI (M) विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे और साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से सतेंद्र का फोन बंद आ रहा था, जिससे परिवार किसी अनहोनी की आशंका से घबराया हुआ था। शुक्रवार को जब उनका भाई देवेंद्र वर्मा कमरे पर पहुंचा, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर सतेंद्र का शव फंदे से लटका हुआ पाया गया।

सुसाइड नोट: “मेरी मौत का कोई जिम्मेदार नहीं”

पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें सतेंद्र ने अपने भीतर चल रहे मानसिक द्वंद्व और हताशा को शब्दों में पिरोया है। नोट में उन्होंने लिखा कि वह पिछले काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे और अपने जीवन से निराश हो चुके थे। उन्होंने अपने परिवार से माफी मांगते हुए स्पष्ट लिखा कि उनकी मौत के लिए कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है।” नोट में उन्होंने यह भी जिक्र किया कि साल 2014 में भी उनके जीवन में एक कठिन दौर आया था, लेकिन तब उन्होंने खुद को संभाल लिया था, मगर इस बार वे हार गए।

माँ के आरोपों ने पलटी कहानी: ब्लैकमेलिंग की आशंका?

एक तरफ जहाँ सुसाइड नोट किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा, वहीं दूसरी तरफ सतेंद्र की माँ सुखरानी देवी ने एक युवती पर गंभीर आरोप लगाए हैं। माँ के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम के जरिए सतेंद्र की दोस्ती वैदिका मिश्रा नाम की युवती से हुई थी। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन युवती के परिवार के विरोध के कारण रिश्ता नहीं हो सका। माँ का आरोप है कि इसके बाद युवती पैसों की मांग करने लगी और उसके परिजन सतेंद्र को धमका रहे थे, जिससे वह भारी दबाव में थे।

जांच में जुटी पुलिस

मामले की जांच कर रहे अधिकारी राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि मृतक की माँ की तहरीर के आधार पर ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग, सतेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया चैट्स को खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह केवल मानसिक तनाव का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश या ब्लैकमेलिंग का खेल चल रहा था।

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