बंगाल चुनाव: चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, 15 बूथों पर मतदान रद्द, 2 मई को फिर डलेंगे वोट, गड़बड़ी करने वालों पर सख्त नजर

डिजिटल डेस्क- पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनावी घमासान के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने विभिन्न राजनीतिक दलों की शिकायतों और जमीनी रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए राज्य के 15 मतदान केंद्रों पर हुए मतदान को अमान्य घोषित कर दिया है। अब इन केंद्रों पर 2 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग के इस फैसले ने बंगाल की सियासी तपिश को और बढ़ा दिया है। चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, पिछले चरणों के दौरान इन 15 बूथों से बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की खबरें मिली थीं। इनमें बूथ कैप्चरिंग, फर्जी वोटिंग और मतदाताओं को डराने-धमकने जैसी गंभीर शिकायतें शामिल थीं। राजनीतिक दलों (खासकर भाजपा और टीएमसी) ने एक-दूसरे पर धांधली के आरोप लगाए थे। आयोग ने जब इन बूथों के वेबकास्टिंग फुटेज और पीठासीन अधिकारियों की डायरी की जांच की, तो गड़बड़ी की पुष्टि हुई, जिसके बाद चुनाव को रद्द करना ही अंतिम विकल्प बचा।

सुरक्षा के साये में 2 मई का ‘रण’

चुनाव आयोग इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। 2 मई को होने वाले पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:

  • अतिरिक्त अर्धसैनिक बल: इन 15 बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या पहले के मुकाबले दोगुनी कर दी गई है।
  • माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती: हर बूथ के अंदर एक स्वतंत्र माइक्रो ऑब्जर्वर मौजूद रहेगा, जो सीधे आयोग को रिपोर्ट करेगा।
  • लाइव वेबकास्टिंग: सभी केंद्रों की शत-प्रतिशत लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी ताकि दिल्ली और कोलकाता के कंट्रोल रूम से सीधे नजर रखी जा सके।

राजनीतिक दलों में मची खलबली

पुनर्मतदान के आदेश के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने अपने कैडरों को इन इलाकों में फिर से सक्रिय कर दिया है। चूंकि बंगाल में हर एक सीट और हर एक बूथ जीत-हार का अंतर तय कर सकता है, इसलिए इन 15 बूथों पर दोबारा होने वाला मतदान दोनों ही दलों के लिए साख का सवाल बन गया है।

मतदाताओं से निर्भीक होकर वोट करने की अपील

चुनाव आयोग ने संबंधित इलाकों के मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी डर या दबाव के मतदान केंद्र पर आएं। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि इस बार मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। जिन अधिकारियों की ड्यूटी के दौरान गड़बड़ी पाई गई थी, उनके खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल का यह चुनाव न केवल राज्य की सत्ता तय करेगा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का भी इम्तिहान है। ऐसे में 2 मई को होने वाली री-पोलिंग पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।

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