डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एटीएस (ATS) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। नोएडा से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकियों तुषार चौहान उर्फ ‘हिजबुल्लाह अली खान’ और समीर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एटीएस की जांच में सामने आया है कि ये दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स और आईएसआई (ISI) के इशारे पर उत्तर प्रदेश के 5 प्रमुख हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने और उनके घरों पर ग्रेनेड हमले की साजिश रच रहे थे। एटीएस के मुताबिक, पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी ने आबिद जट के माध्यम से तुषार और समीर को एक ‘किल लिस्ट’ सौंपी थी। इस लिस्ट में दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत के नाम शामिल थे। साजिश यह थी कि इन नेताओं की हत्या करने के साथ-साथ उनके घरों पर ग्रेनेड भी फेंके जाएं, ताकि पूरे प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो और दहशत फैल सके।
₹3 लाख में ‘ईमान’ का सौदा और दुबई का सपना
जांच में यह बेहद शर्मनाक बात सामने आई है कि इन पांच बड़ी हत्याओं को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने महज 3 लाख रुपये का सौदा किया था। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उन्हें 50 हजार रुपये एडवांस और बाकी के 2.5 लाख रुपये काम पूरा होने के बाद देने का वादा किया था। इतना ही नहीं, उन्हें लालच दिया गया था कि वारदात के तुरंत बाद उनके फर्जी पासपोर्ट बनवाकर उन्हें दुबई भेज दिया जाएगा और वहीं सेटल कर दिया जाएगा, ताकि भारतीय एजेंसियां उन तक कभी न पहुंच सकें। गिरफ्तार आरोपी तुषार चौहान (बागपत निवासी) और समीर (एटा निवासी) सीधे तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर और मोहम्मद हमाद बरकाती के संपर्क में थे। एटीएस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों की प्लानिंग की जा रही थी।
‘एक्स-मुस्लिमों’ को कॉन्फ्रेंस कॉल पर दी धमकी
जांच में एक और अहम कड़ी सामने आई है। तुषार और समीर ने उन लोगों को भी निशाना बनाया था जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया है (एक्स-मुस्लिम)। उन्होंने इमरोज आलम, अंजली आर्या और सलीम वास्तिक जैसे लोगों को कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए धमकी दी थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कॉन्फ्रेंस कॉल में पाकिस्तान से शहजाद भट्टी भी जुड़ा हुआ था। एटीएस के पास इन धमकियों की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है।
6 दिन की रिमांड में खुलेंगे कई और गहरे राज
एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों की 6 दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर ली है। शुक्रवार सुबह 11 बजे से 6 मई की शाम तक एटीएस इन आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। रिमांड के दौरान एटीएस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इनके पास हथियार और ग्रेनेड कहां से आने वाले थे और उत्तर प्रदेश में इनके ‘स्लीपर सेल’ का नेटवर्क और कहां-कहां फैला हुआ है।