Knews Desk-पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के तहत बुधवार, 29 अप्रैल को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। इस चरण में राज्य के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वोट डाले जा रहे हैं, लेकिन इसी दौरान विभिन्न जिलों से हिंसा, तनाव और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में खराबी की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे कुछ स्थानों पर मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मतदान केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ियां
हावड़ा और पूर्वी बर्धमान जैसे इलाकों में कई मतदान केंद्रों पर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण वोटिंग देर से शुरू हुई। तारकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 123 पर EVM में खराबी के चलते मतदान प्रक्रिया काफी देर तक बाधित रही। बताया गया कि यहां मतदाता सुबह 6 बजे से ही लाइन में खड़े थे, लेकिन मशीनों में लगातार दिक्कत आने के कारण वोटिंग शुरू नहीं हो सकी। बाद में तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने जांच कर समस्या को दूर किया, जिसके बाद मतदान शुरू कराया गया। इस बूथ पर लगभग 800 से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इसी तरह पूर्वी बर्धमान के भाटा क्षेत्र के बूथ नंबर 173 और 175 पर भी EVM खराब होने से वोटिंग देर से शुरू हुई।
कुछ क्षेत्रों में तनाव और हिंसा की घटनाएं भी सामने आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हावड़ा पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। तनावपूर्ण स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस दौरान दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। एक युवक को बूथ नंबर 152 से इस आरोप में हिरासत में लिया गया कि वह मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहा था। दूसरे व्यक्ति को भी अशांति फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति अब नियंत्रण में है और मतदान सुचारू रूप से जारी रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
राजधानी कोलकाता के मतदान केंद्र पर विवाद
राजधानी कोलकाता में भी एक मतदान केंद्र पर विवाद की स्थिति देखने को मिली। एंटली विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल की एक पोलिंग बूथ पर चुनाव अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस हो गई। बताया गया कि बूथ छोटा होने के कारण उनके पोलिंग एजेंट को अंदर से बाहर भेज दिया गया था, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) के चुनाव एजेंट भी बहस में शामिल हो गए, जिसके बाद स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए दोनों पक्षों को बूथ से बाहर कर दिया गया।
4 मई को होगे चुनाव परिणाम घोषित
निर्वाचन आयोग के अनुसार, दूसरे चरण के मतदान के लिए राज्य भर में कुल 41,001 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और निगरानी के लिए सीसीटीवी तथा वेबकास्टिंग की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन ने मतदाताओं से शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करने की अपील की है।
इस चरण में कई प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। मतगणना 4 मई को होगी, जिसके बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव के इस महत्वपूर्ण चरण में जहां एक ओर मतदाताओं का उत्साह दिखाई दे रहा है, वहीं दूसरी ओर तकनीकी समस्याएं और छिटपुट हिंसा चुनावी प्रक्रिया के लिए चुनौती बनी हुई हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी समस्याओं पर नजर रखी जा रही है और निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।