डिजिटल डेस्क- उत्तर और मध्य भारत इस समय सूरज की तपिश से झुलस रहा है। राजस्थान से लेकर दिल्ली और मध्य प्रदेश तक आसमान से आग बरस रही है। इसी चिलचिलाती धूप और लू के बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक दिलचस्प बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। सिंधिया ने भीषण गर्मी से बचने के लिए किसी महंगे एयर कंडीशनर के बजाय भारत के पारंपरिक और आयुर्वेदिक नुस्खे यानी ‘प्याज’ पर भरोसा जताने की सलाह दी है। रविवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने अपने स्वास्थ्य और ऊर्जा का राज साझा किया। उन्होंने चंबल क्षेत्र की कठोर गर्मी का जिक्र करते हुए कहा, “जब लोग मुझसे पूछते हैं कि मई-जून में 51 डिग्री तापमान में मैं कैसे काम कर लेता हूं, तो मेरा जवाब होता है कि यह चंबल की त्वचा है। गर्मी से बचना है तो अपनी जेब में एक प्याज रखें, आपको कुछ नहीं होगा।” सिंधिया ने मजाकिया लहजे में खुद को ‘पुरानी आत्मा’ बताते हुए कहा कि वह आधुनिक सुख-सुविधाओं के बजाय आयुर्वेद और परंपराओं में विश्वास रखते हैं।
AC से दूरी और सादगी का मंत्र
हैरान करने वाली बात यह है कि केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि वह इस भीषण गर्मी में भी अपनी कार में एसी (Air Conditioning) का इस्तेमाल नहीं करते हैं और न ही उन्हें एसी वाले कमरों में बैठना पसंद है। उन्होंने कहा, “मैं थोड़ा जवान दिखता हूं, लेकिन मेरी सोच पुरानी है। आजकल हर कोई एसी के ‘बक्से’ ढो रहा है, लेकिन मैं प्याज ढोना बेहतर समझता हूं। आयुर्वेद की प्रगति के साथ हमें इन प्राचीन और प्रभावी नुस्खों को नहीं भूलना चाहिए।”
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
ग्रामीण भारत में सदियों से यह मान्यता रही है कि जेब में कच्चा प्याज रखने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और लू नहीं लगती। हालांकि विज्ञान इसे पूरी तरह प्रमाणित नहीं करता, लेकिन आयुर्वेद में प्याज को ‘शीतल’ प्रवृत्ति का माना गया है। सिंधिया ने इसी प्राचीन ज्ञान को आधुनिक समय में अपनाने की वकालत की है।
सावधानी बरतने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और ढीले सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। गर्मी का आलम यह है कि कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश (जैसे गंगापुर सिटी में 6 मिमी) के बावजूद जमीन से उठने वाली तपिश कम होने का नाम नहीं ले रही है।