मथुरा हादसा अपडेटः आश्रम के पास मिला 11वां शव, सर्च अभियान अब भी चला रहा बचाव दल

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यमुना नदी पर शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया, जिसमें श्रद्धालुओं से भरी एक मोटरबोट पांटून पुल से टकराकर पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई श्रद्धालु अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यह घटना केसी घाट और बंशीवट के बीच यमुना नदी में हुई, जब 37 श्रद्धालुओं को लेकर एक मोटरबोट नदी में सैर कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर के समय नाव अचानक असंतुलित होकर लहराने लगी और पास में बने पांटून पुल से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव पलट गई और उसमें सवार श्रद्धालु गहरे पानी में गिरकर डूबने लगे।

गोताखोर, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ ने चलाया सयुंक्त अभियान

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और कई लोगों को पानी से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस, पीएसी के गोताखोर, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना की टुकड़ी को भी राहत कार्य में लगाया गया है। अब तक 15 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें घायल अवस्था में अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों का इलाज वृंदावन के रामकृष्ण मिशन अस्पताल और मांट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। वहीं, लापता लोगों की तलाश के लिए यमुना नदी में सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।

अबतक मृतकों की संख्या हो गई 11

शाम तक देवराहा बाबा आश्रम के पास एक और शव मिलने की पुष्टि हुई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। राहत और बचाव दल नदी के विभिन्न हिस्सों में गहन सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि बाकी लापता लोगों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा पांटून पुल को हटाने के दौरान हुई लापरवाही के कारण हो सकता है। आशंका जताई जा रही है कि पुल को असावधानीपूर्वक हटाया जा रहा था, जिसकी चपेट में मोटरबोट आ गई। हालांकि, प्रशासन ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं और सच्चाई सामने आने के बाद ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार, यह श्रद्धालु पंजाब और हरियाणा के विभिन्न जिलों जैसे लुधियाना, हिसार, मुक्तसर और जगरांव से आए थे। कुल 130 श्रद्धालुओं के दो समूह वृंदावन दर्शन के लिए पहुंचे थे, जिनमें से 37 लोग इस मोटरबोट में सवार थे।

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