KNEWS DESK- बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आने वाला है। नीतीश कुमार शुक्रवार, 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे, जिसके साथ ही राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। उनके राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ माना जा रहा है।गुरुवार, 9 अप्रैल को नई दिल्ली पहुंचने पर जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर संक्षिप्त बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि वे शपथ ग्रहण के लिए आए हैं।
उन्हें राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन के कक्ष में उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई जाएगी। इस औपचारिकता के बाद उनका मुख्यमंत्री पद पर कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
इधर, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 14 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। माना जा रहा है कि गठबंधन जल्द ही नए नेतृत्व पर निर्णय लेगा।
बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी पुष्टि की है कि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में एनडीए की सरकार बनेगी और “नीतीश मॉडल” के तहत विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा, जैसा कि पिछले दो दशकों से होता आ रहा है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार पहले ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने 30 मार्च को परिषद की सीट छोड़ी थी, जबकि 16 मार्च को वे राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे।
इस घटनाक्रम के साथ बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच गई है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ नीतियों की निरंतरता पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं।