कानपुर किडनी कांड में नया ट्विस्ट, अब पलटी आयुष की कहानी, प्यार और जमीन बेचने का सच आया सामने…

KNEWS DESK- किडनी बेचकर पढ़ाई करने की कहानी से सुर्खियों में आए आयुष का मामला अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में यह मामला मजबूरी, गरीबी और संघर्ष की भावनात्मक कहानी के रूप में सामने आया था, लेकिन जांच और गांव से मिली जानकारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड के औगान गांव के रहने वाले आयुष ने दावा किया था कि उसने अपनी पढ़ाई की फीस भरने के लिए किडनी बेच दी। यह कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और लोगों की सहानुभूति भी मिली। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सच्चाई के अलग पहलू सामने आने लगे।

परिवार और ग्रामीणों के मुताबिक, आयुष का परिवार कभी आर्थिक रूप से कमजोर नहीं था। उसके पिता राजेश चौधरी जमीनदार थे और उन्होंने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। पढ़ाई के लिए उसे विशाखापट्टनम भेजा गया, लेकिन वहीं से उसकी जिंदगी की दिशा बदलने लगी।

बताया जाता है कि पढ़ाई के दौरान आयुष का ध्यान भटक गया और वह निजी संबंधों और दोस्तों में उलझ गया। इसी दौरान एक प्रेम संबंध भी शुरू हुआ, जिसने उसकी पढ़ाई को और प्रभावित किया। 2017 में पिता की आत्महत्या के बाद परिवार पर संकट आया, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद भी आयुष ने जिम्मेदारी नहीं संभाली।

गांव के लोगों के अनुसार, पिता की मृत्यु के बाद आयुष ने करीब 15 बीघा जमीन बेच दी और उस पैसे को अपनी जीवनशैली पर खर्च किया। यह दावा भी सामने आया है कि जमीन गिरवी नहीं थी, बल्कि खुद बेची गई थी, जो उसकी ‘मजबूरी’ वाली कहानी से अलग तस्वीर पेश करता है।

आयुष की निजी जिंदगी भी विवादों में रही। बताया जाता है कि उसने एक एयर होस्टेस से शादी की, लेकिन यह रिश्ता कुछ महीनों में ही टूट गया। इसके बाद वह गांव से दूर होता गया और परिवार से संबंध भी लगभग खत्म हो गए।

अब किडनी बेचने के उसके दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसकी कहानी में कितनी सच्चाई है।

यह मामला अब सिर्फ एक भावनात्मक कहानी नहीं, बल्कि सच्चाई और दावों के बीच की जटिल जांच बन चुका है, जिसमें आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *