IIT बाबा अभय सिंह ने इसी रहस्यमयी मंदिर को क्यों चुना? महाभारत काल से जुड़ी अघंजर महादेव की अनोखी कहानी…

KNEWS DESK- हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में स्थित अघंजर महादेव मंदिर एक बार फिर आस्था और चर्चा का केंद्र बन गया है। इस बार वजह केवल इसकी पौराणिक मान्यताएं नहीं, बल्कि यहां संपन्न हुई एक अनोखी शादी है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

हाल ही में ‘IIT बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध अभय सिंह ने कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह रचाया। धर्मशाला के एसडीएम कोर्ट में विशेष विवाह अधिनियम के तहत संपन्न हुई इस शादी ने आध्यात्म और आधुनिक जीवन के अनूठे संगम को सामने रखा है। अभय सिंह, जो IIT बॉम्बे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कर चुके हैं, पहले ही अपनी आध्यात्मिक यात्रा के कारण चर्चा में आ चुके हैं।

अघंजर महादेव मंदिर की महिमा सदियों पुरानी है। मान्यता है कि अर्जुन ने भगवान शिव की कठोर तपस्या यहीं की थी। भगवान श्रीकृष्ण के निर्देश पर की गई इस तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने अर्जुन को ‘पाशुपत अस्त्र’ प्रदान किया था, जिसने महाभारत युद्ध में उनकी विजय सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

इस मंदिर की सबसे रहस्यमयी विशेषताओं में से एक है यहां का अखंड धूणा, जिसे लगभग 500 वर्ष पहले बाबा गंगा भारती ने स्थापित किया था। यह धूणा लगातार जलता रहता है, लेकिन इसे जलते या बुझते किसी ने नहीं देखा—श्रद्धालु केवल इसमें समय-समय पर लकड़ियां डालते हैं। पास ही बाबा गंगा भारती की समाधि और उनकी प्राचीन गद्दी भी भक्तों के आकर्षण का केंद्र है।

प्रयागराज के महाकुंभ में अपनी साधना से पहचान बनाने वाले अभय सिंह अब कांगड़ा की इस दिव्य भूमि से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने यहां अपने आश्रम की स्थापना का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि वे गृहस्थ जीवन की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने आध्यात्मिक मार्ग पर भी आगे बढ़ते रहेंगे।

इस तरह अघंजर महादेव मंदिर एक बार फिर आस्था, इतिहास और आधुनिक जीवन के संगम का प्रतीक बनकर उभरा है, जहां पुरातन मान्यताएं और नई कहानियां एक साथ आकार ले रही हैं।

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