डिजिटल डेस्क- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने अमेरिकी अत्याधुनिक लड़ाकू विमान F-35 Lightning II को मार गिराया है। ईरान की सेना के खातिम अल-अंबिया मुख्यालय ने यह दावा किया है कि यह घटना देश के मरकजी प्रांत में हुई। मीडिया रिपोर्ट्स, खासकर अल जज़ीरा के अनुसार, घटनास्थल से मिले मलबे की जांच में ब्रिटेन स्थित लेकनहीथ एयर बेस के निशान पाए गए हैं। यह एयरबेस अमेरिकी वायुसेना के लिए यूरोप में एक अहम रणनीतिक ठिकाना माना जाता है। हालांकि, इस कथित हमले में शामिल पायलट और मिशन को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। यह पहला मौका नहीं है जब ईरान ने इस तरह का दावा किया हो।
19 मार्च को F-35A विमान को निशाना बनाने का किया था दावा
इससे पहले 19 मार्च को भी ईरान ने F-35A को निशाना बनाने की बात कही थी और इसका एक वीडियो भी जारी किया था। उस वीडियो में विमान पर हमले के दृश्य तो दिखाई दिए थे, लेकिन उसके क्रैश होने की पुष्टि नहीं हो पाई थी। बाद में कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया कि विमान को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन पायलट सुरक्षित रहा और उसने मिडिल ईस्ट के एक अमेरिकी एयरबेस पर इमरजेंसी लैंडिंग कर ली। इस बार ईरान ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए कथित तौर पर विमान के मलबे की कई तस्वीरें भी जारी की हैं। ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पायलट के लिए इजेक्ट कर पाना लगभग असंभव था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, यूएस सेंट्रल कमांड ने इस ताजा दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
CENTCOM ने विमान गिराने के दावों को बताया था भ्रामक
इससे पहले भी वह ईरान के ऐसे दावों को खारिज करता रहा है। CENTCOM ने पूर्व में स्पष्ट किया था कि ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराने का दावा भ्रामक है। अगर व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें, तो इस संघर्ष के दौरान अमेरिका को 16 से 20 सैन्य विमान और ड्रोन के नुकसान की बात सामने आई है। हालांकि, इनमें से अधिकतर दुर्घटनाओं या ‘फ्रेंडली फायर’ का शिकार हुए हैं। ईरान ने जहां 9 से 12 तक MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराने का दावा किया है, वहीं F-35 जैसे उन्नत विमानों को गिराने के दावे पर अब भी संदेह बना हुआ है।