KNEWS DESK- अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी (AAP) में एक बार फिर अंदरुनी मतभेद सामने आए हैं। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को पार्टी ने सदन में उपनेता पद से हटाने का अनुरोध किया है, जिससे पार्टी में तल्खी बढ़ गई है। पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट कर कहा, “खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं। यह मेरा आम आदमी को संदेश है।”
चड्ढा ने अपने वीडियो में जोर देकर कहा कि उन्होंने संसद में ऐसे मुद्दे उठाए जो आमतौर पर चर्चा के दायरे से बाहर रहते हैं। उन्होंने मध्यम वर्ग पर बढ़ते टैक्स का बोझ, डेटा की समय सीमा की समाप्ति, पितृत्व अवकाश का अधिकार और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सामान शुल्क जैसे मामलों का जिक्र किया। उनका कहना है कि संसद में इन मसलों को उठाना अपराध नहीं है।
AAP ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर चड्ढा को उपनेता पद से हटाने का अनुरोध किया और उनकी जगह पंजाब से सांसद अशोक मित्तल को प्रस्तावित किया। पार्टी के अनुसार, अब चड्ढा को संसद में बोलने के लिए AAP के निर्धारित कोटे से समय आवंटित नहीं किया जाएगा।
एक समय में चड्ढा केजरीवाल के बेहद करीबी और विश्वासपात्र माने जाते थे। उन्होंने AAP के संगठन और दिल्ली-पंजाब में कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन हाल के समय में उनके और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ती चली गई।
नए उपनेता बने अशोक मित्तल ने कहा कि उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने यह जिम्मेदारी सौंपी है और वह सदन में AAP की नीति और राष्ट्रीय हितों को पूरी ईमानदारी के साथ पेश करेंगे।
यह कदम पार्टी में सत्ता-संरचना और सांसदों के बीच चल रहे गतिरोध की ओर इशारा करता है, जबकि राघव चड्ढा की प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने अपने राजनीतिक दृष्टिकोण को लेकर कोई समझौता नहीं किया है।