डिजिटल डेस्क- ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच आईआरसीटीसी ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया जा रहा है, जिसमें खाने की सप्लाई से लेकर सर्विंग तक हर स्तर पर कड़े नियम लागू होंगे। हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस की पटना-टाटानगर रूट पर एक यात्री को परोसी गई दही में कीड़े मिलने का मामला सामने आया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद रेल प्रशासन हरकत में आया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कैटरिंग एजेंसी पर कार्रवाई की गई और भारी जुर्माना भी लगाया गया।
संबंधित कैटरर पर लगाया था 50 लाख का जुर्माना
सूत्रों के मुताबिक, इस घटना के बाद आईआरसीटीसी पर 10 लाख रुपये और संबंधित कैटरर पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा डेयरी ब्रांड अमूल से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अब लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि, यह कोई पहला मामला नहीं है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता को लेकर कुल 6,645 शिकायतें दर्ज की गई थीं। इनमें से 1,341 मामलों में जुर्माना लगाया गया, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। इसके अलावा एक मामले में उपभोक्ता अदालत ने भी आईआरसीटीसी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। इन लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर आईआरसीटीसी अब नया SOP तैयार कर रहा है। इस SOP में खाने की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सप्लाई चेन, स्टोरेज, पैकेजिंग और सर्विंग के हर चरण में सख्त निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, खाद्य सामग्री की नियमित जांच और मानकों के पालन को अनिवार्य किया जाएगा।
यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में अब डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि यात्री सीधे मोबाइल ऐप या हेल्पलाइन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उस पर तुरंत कार्रवाई हो सके। खासतौर पर वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में खाने की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन ट्रेनों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता न हो, इसके लिए अलग से निरीक्षण तंत्र विकसित किया जा रहा है। रेल मंत्रालय और आईआरसीटीसी का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी। दोषी पाए जाने वाले वेंडर्स और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।