KNEWS DESK- असम में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपना ‘संकल्प पत्र’ जारी कर दिया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जारी किए गए इस चुनावी घोषणापत्र में 31 वादों को शामिल किया गया है, जिनमें बांग्लादेशी मियाओं से कब्जाई गई जमीन वापस लेने, राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने, मूल निवासियों की जमीन, विरासत और गरिमा की सुरक्षा के साथ-साथ 5 लाख करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का भी वादा किया गया है।
संकल्प पत्र जारी करने के मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि असम में शांति और स्थिरता के बिना विकास असंभव है। उन्होंने कहा कि यह घोषणापत्र असम में एक दशक के बदलाव और विकास पर आधारित है, जो कांग्रेस 60 वर्षों में भी नहीं कर पाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
निर्मला सीतारमण ने कहा, “पूर्वोत्तर क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास पर कांग्रेस ने ध्यान नहीं दिया। बीजेपी के शासन में असम में अवसरों में वृद्धि हुई है और इस वजह से युवा राज्य में वापस लौट रहे हैं। कांग्रेस की नीतियों की वजह से असम 32 वर्षों तक AFSPA के प्रभाव में रहा, लेकिन बीजेपी सरकार ने इसे ज्यादातर क्षेत्रों से हटाने में सफलता हासिल की।”
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि संकल्प पत्र तैयार करने के पीछे असम के लोगों की राय को महत्व दिया गया। इसके लिए पार्टी ने घर-घर जाकर सुझाव मांगे और करीब 3 लाख से अधिक लोगों के विचार संकलित किए। सोनोवाल ने कहा कि तीसरे कार्यकाल में यही सुझावों के आधार पर योजनाओं को लागू किया जाएगा।
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी। BJP के संकल्प पत्र में विकास, सुरक्षा और युवाओं के लिए अवसरों पर जोर दिया गया है, जो चुनावी माहौल में प्रमुख मुद्दा बन सकता है।