KNEWS DESK: साल 2014 में जब देश ने बड़ा राजनीतिक बदलाव देखा, तब कई बड़े वादों के साथ भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ। 16 मई 2014 को लोकसभा चुनाव के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए को स्पष्ट बहुमत दिलाया और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। उस समय किए गए वादों में राम मंदिर निर्माण, धारा 370 हटाना, तीन तलाक खत्म करना और नक्सल मुक्त भारत जैसे बड़े मुद्दे शामिल थे।

अब 12 साल बाद, इन वादों में से कई को जमीन पर उतारा जा चुका है, और सरकार अपने ‘नक्सल मुक्त भारत’ के लक्ष्य के करीब पहुंचती नजर आ रही है।
नक्सल मुक्त भारत: आखिरी पड़ाव की ओर
केंद्र सरकार ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया था। अमित शाह ने इसके लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा निर्धारित की। इसके बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हुई, कई बड़े नक्सली कमांडरों ने सरेंडर किया और कई मुठभेड़ों में ढेर हुए। अब सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के करीब है।
राम मंदिर: सदियों पुराना विवाद हुआ खत्म
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण BJP के सबसे प्रमुख वादों में से एक था। यह मामला भारत के सबसे लंबे और चर्चित कानूनी विवादों में रहा। आखिरकार 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन मंदिर निर्माण के लिए देने का आदेश दिया, जबकि मस्जिद के लिए अलग जमीन देने को कहा।
इसके बाद 5 अगस्त 2020 को नरेंद्र मोदी ने ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के जरिए मंदिर का शिलान्यास किया। फिर 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ, जो लंबे संघर्ष के अंत का प्रतीक बना और देश के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव छोड़ गया।
धारा 370 और तीन तलाक पर भी फैसला
सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया, जिससे राज्य का विशेष दर्जा समाप्त हुआ। इसके अलावा तीन तलाक जैसी प्रथा को भी कानून बनाकर खत्म किया गया, जिसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में बड़ा कदम माना गया।
बीते 12 वर्षों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने कई प्रमुख वादों को पूरा करने का दावा किया है। अब नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल होने की कगार पर है, जो इस दौर की एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।