डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर को लेकर बढ़ती भीड़ और किल्लत के बीच सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को “डिलीवरी डिप्टी सीएम” तक कह दिया। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में जुबानी जंग और तीखी हो गई है। दरअसल, प्रदेश में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी भीड़ को लेकर अखिलेश यादव लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडर की जमाखोरी हो रही है, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार दावा कर रही है कि कहीं कोई कमी नहीं है, तो इसका मतलब है कि भंडारण बड़े पैमाने पर कहीं और किया जा रहा है।
केशव प्रसाद मौर्य के पूर्व के बयान का किया पलटवार
अखिलेश यादव ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि आज के दौर में डिप्टी सीएम “डिलीवरी बॉय” की तरह काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मौर्य को अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक करना चाहिए, ताकि जरूरतमंद लोग सीधे उनसे पेट्रोल या गैस सिलेंडर मंगवा सकें। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “हमें उम्मीद है कि डिलीवरी चीफ मिनिस्टर सबको सिलेंडर उपलब्ध कराएंगे।” इससे पहले, केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि अगर उनके पास सिलेंडर नहीं है, तो सूचना दें, सरकार उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराएगी। इसी बयान को आधार बनाकर अखिलेश यादव ने उन पर तंज कसा है।
डिप्टी सीएम अपने सिलेंडर और पेट्रोल जनता में वितरित करेंगे?- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और उसके नेताओं ने बड़े पैमाने पर पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर का भंडारण कर रखा है। उन्होंने कहा कि “अगर कोई कह रहा है कि कमी नहीं है, तो इसका मतलब है कि उसे पता है कि जमाखोरी कहां हो रही है।” उन्होंने सवाल उठाया कि डिप्टी सीएम के पास कितने सिलेंडर और कितना पेट्रोल है, और क्या वह इसे जनता के बीच वितरित करेंगे? सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि हालात इतने खराब हो गए हैं कि उन्होंने खुद अपने घर में मिट्टी के चूल्हे मंगवाने पड़े हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। उनके इस बयान ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। वहीं, भाजपा की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की कमी नहीं है और कुछ लोग अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।