KNEWS DESK – दिल्ली के चर्चित शराब घोटाला मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार (27 फरवरी) को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए सबूत पर्याप्त और ठोस नहीं हैं, इसलिए केवल आरोपों के आधार पर दोष सिद्ध नहीं किया जा सकता।
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
कन्नौज से अखिलेश का बयान
कन्नौज में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि झूठे आरोप लगाकर और दुष्प्रचार फैलाकर एक व्यक्ति से सरकार छीन ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी, अरविंद केजरीवाल द्वारा गरीबों के लिए किए जा रहे कामों को स्वीकार नहीं कर पाई।
अखिलेश ने कहा, “अब अदालत ने भी स्थिति साफ कर दी है। कोर्ट ने उन्हें निर्दोष बताया है। इससे ज्यादा निंदनीय कुछ नहीं हो सकता। यह नैतिकता का अंत है।”
‘सत्य और न्याय केजरीवाल के साथ’
इससे पहले भी अखिलेश यादव ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं। उनका कहना था कि कोई भी आरोप इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वह सच को ढक दे।
उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से हर ईमानदार व्यक्ति राहत की सांस लेगा और बीजेपी को आत्ममंथन करना चाहिए।
कोर्ट का फैसला और आगे की रणनीति
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी के साक्ष्य कमजोर और अपर्याप्त पाए गए। इसी आधार पर केजरीवाल और सिसोदिया को राहत दी गई।
हालांकि, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई इस फैसले से संतुष्ट नहीं दिख रही है। एजेंसी के वकीलों ने संकेत दिया है कि आदेश का विस्तृत अध्ययन करने के बाद इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।