डिजिटल डेस्क- बिहार में हाल के दिनों में महिलाओं और मासूम बच्चियों के साथ हुई दरिंदगी की घटनाओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन घटनाओं को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हाल ही में घटित 14 कथित रेप घटनाओं की एक सूची साझा की। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की। पोस्ट में तेजस्वी ने तंज कसते हुए लिखा कि “मोदी-नीतीश सरकार के कर कमलों से निर्मित कथित रामराज्य में प्रतिदिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं कि मीडिया को भी बताने में मशक्कत करनी पड़ रही है।” उन्होंने दावा किया कि डेढ़ साल की मासूम बच्ची से लेकर 11 साल तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं सामने आई हैं। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी बेखौफ हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
पीएम के दौरों पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित बिहार दौरों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी मौसम में प्रधानमंत्री बिहार आएंगे, लेकिन राज्य की छवि को बदनाम कर लौट जाएंगे। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि हालिया वीभत्स घटनाओं पर केंद्र और राज्य सरकार की चुप्पी “मौन स्वीकृति” का संकेत देती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अपराध चरम सीमा पर है और बच्चियों के साथ गैंगरेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार इन मामलों में क्या कार्रवाई कर रही है और दोषियों को कब सख्त सजा मिलेगी।
‘निकम्मी सरकार जवाब दे’
तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट में सरकार को ‘निकम्मी’ बताते हुए कहा कि “बयान बहादुर जवाब दें।” उनका कहना है कि जब तक सरकार अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को शीघ्र सजा दी जाए। बिहार में महिला सुरक्षा का मुद्दा पहले भी राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसे और संवेदनशील बना दिया है। विपक्ष जहां सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार की ओर से अब तक इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।