डिजिटल डेस्क- नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट के दौरान शुक्रवार को उस समय हंगामा मच गया जब यूथ कांग्रेस के 20 से 30 कार्यकर्ताओं ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री के खिलाफ भी नारे लगाते नजर आए। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर तिलक मार्ग थाने ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है और प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।
“हर बेरोजगार युवा का गुस्सा” – यूथ कांग्रेस
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता उदय भानू चिब ने प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि यह विरोध केवल संगठन के कार्यकर्ताओं का नहीं, बल्कि देश के बेरोजगार युवाओं की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता एआई समिट में गए और “पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड हैं” के नारे लगाए। अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए चिब ने कहा कि यह समझौता देश के किसानों और आम लोगों के हित में नहीं है। उनके मुताबिक, इस डील से फायदा अमेरिका को होगा, जबकि भारतीय किसानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार और कर्तव्य है।
भाजपा का पलटवार
बीजेपी नेता ने कहा कि उनके लिए “AI” का मतलब Ambitious India या Artificial Intelligence नहीं, बल्कि “Anti-India” है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे “ANC – Anti-National Congress” तक कह डाला। पूनावाला ने कहा कि एआई समिट की वैश्विक स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों , संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई जैसे वैश्विक नेताओं और तकनीकी दिग्गजों का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी ने भारत की मेजबानी और पहल की प्रशंसा की है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने भी इस समिट की तारीफ की है।
BJP का आधिकारिक बयान
भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस प्रदर्शन को “राष्ट्रीय शर्मिंदगी” करार दिया। पार्टी ने कहा कि जब भारत वैश्विक मंच पर तकनीकी नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है, उस समय कांग्रेस ने गरिमा की जगह अशांति का रास्ता चुना। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है। फिलहाल, घटना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और एआई समिट के बीच यह विरोध सियासी बहस का नया केंद्र बन गया है।