उत्तराखंड डेस्क रिपोर्ट, उत्तराखंड देवभूमि आपने शांत और अध्यात्म नगरी से देश दुनिया में जाने जानी वाली भूमि है. बीते लम्बे समय से इस नगरी को मानो किसी की नजर लग गई हो.अब तो ये हाल है.की बढ़ते अपराध और कानून व्यवस्थाओ को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन मुँह ताकता नजर आ रहा है.हालांकि कानून को बेहतर करने के लिए धामी सरकार ने बीते कुछ दिन पहले ही कई जिलों के अधिकारियों के बड़ी संख्या में फेर बदल तक कर दिए. लेकिन अपराधियों के हौसले अब इतने बुलंद हो चुके है.की उनको यहां की कानून व्यवस्था का कोई डर तक नहीं, हद अब ये हो गई की लगातार तीसरे दिन भी देहरादून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. जिला जज को मेल के जरिए ये धमकी भेजी गई है. एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराया गया. पुलिस टीम ने पूरे परिसर की तलाशी की.राजधानी देहरादून के जिला कोर्ट में बम होने की सूचना से मिलते ही हड़कंप मच गया. कोर्ट परिसर में अफरा तफरी का माहौल हो गया. आनन-फानन में कोर्ट परिसर को खाली कराया गया. कोर्ट परिसर से ज्यूडिशरी के अधिकारी और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है.वही आपको बता दे,दो दिन पहले नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी गई, हरिद्वार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी साथ ही टिहरी गढ़वाल के जिला न्यायालय की आधिकारिक ईमेल पर भी बम की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया. पिथौरागढ़ जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है.एक के बाद एक धमकी की सूचना ने यहाँ के लोगों को डरा दिया है.ऐसे में कानून व्यवस्था और प्रदेश में बढ़ते अपराधों को लेकर कांग्रेस ने हजारो की संख्या में राजभवन का घेराव भी किया लेकिन कोई बड़ा फर्क इसका कानून की बिगड़ती व्यवस्था पर इसका असर तक देखने को नहीं मिला। अब तक लगभग 20 दिनों में 6 हत्या सिर्फ देहरादून जिले में ही हो चुकी है.और अब ये धमकी भरे मेल आने से डर का माहौल प्रदेश में देखने को मिल रहा है.आखिर कब तक यहाँ का आम नागरिक सुरक्षित रहेगा इसका जब शायद किसी के पास नहीं।
राजधानी देहरादून के जिला कोर्ट में बम होने की सूचना से मिलते ही हड़कंप मच गया. कोर्ट परिसर में अफरा तफरी का माहौल हो गया. आनन-फानन में कोर्ट परिसर को खाली कराया गया. कोर्ट परिसर से ज्यूडिशरी के अधिकारी और कर्मचारियों को बाहर निकाला गया है.मेल में बम से उड़ाने की धमकी के बाद कैंपस खाली करा दिया गया था. सुरक्षा ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. सभी के द्वारा निर्देशों का पालन किया जा रहा है. लगातार मिल रही धमकियों के बीच सुरक्षा और सतर्कता जरूरी है इसमें भी कोई दो राय नहीं.बता दें कि, रविवार 16 फरवरी से ऐसी धमकियों का सिलसिला जारी है. सबसे पहले नैनीताल और उत्तरकाशी कोर्ट को लेकर धमकी दी गई थी. अगले दिन पिथौरागढ़, टिहरी, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली.ऐसे में एक बार फिर कानून व्यवस्था के साथ आम नागरिको की सुरक्षा को लेकर फिर कई सवाल खड़े हो गए है.और राजनीति भी जम कर सवाल सीधे सरकार से विपक्ष का है की अब प्रदेश का आम आदमी जाये तो कहा जाए.
प्रदेश में लगातार हो रही हत्याओं के साथ कानून व्यवस्थाओ पर विपक्षी दल पहले से ही आक्रामक रुख धामी सरकार पर बनाए हुए है.ऐसे में कोर्ट परिसर को बम से उड़ने वाले धमकी भरे ये ईमेल एक बार सरकार सहित आम जनता की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करते नजर आ रहे है,हलाकि धामी सरकार प्रदेश की जनता की सुरक्षा का दावा तो जरूर कर रही है,लेकिन अभी तक हुई घटनाओ से प्रदेश में पहले से ही डर का माहौल बना है. और ऊपर से इस तरह के ईमेल कही न कही भय का वातावरण प्रदेश में जरूर पैदा कर रहे है.
फिलहाल पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच शुरू कर दी है. साइबर टीम ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट है. बुधवार सुबह कोर्ट खुलने से पहले प्रदेश की अन्य जिलों की कोर्ट में पुलिस की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया. कोर्ट परिसर में बने कार्यालयों और वकीलों के चैंबरों और बाहर की दीवारों के आसपास गहनता से चेकिंग की गई. कोर्ट परिसर में खड़े वाहनों की भी चेकिंग की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ.सावल यही है, की आखिर प्रदेश का मौहाल ख़राब कौन करना चाहा रहा है,ऐसे में प्रदेश की सुरक्षा आने वाले समय पर कड़ा करना सरकार के लिए बड़ी चूनौती बन गया है,क्योकि इसी वर्ष चारधाम यात्रा, अर्द्धकुंभ,नंदराज जात यात्रा सहित चुनाव और कई वीवीआईपी के आने के साथ प्रदेश की जनता को सुरक्षा प्रदान करना सरकार का ही कर्तव्ये है.