डीएम साहब आपके ऑफिस में बम है… डीएम भागलपुर को आया धमकी भरा फोन, प्रशासन में मचा हड़कंप

डिजिटल डेस्क- बिहार के भागलपुर में मंगलवार सुबह समाहरणालय को बम से उड़ाने की धमकी भरी ईमेल मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह 7:44 बजे जिला अधिकारी नवलेश किशोर चौधरी को भेजे गए ईमेल में यह दावा किया गया था कि समाहरणालय परिसर और डीएम चौबर के पास आरडीएक्स बम लगाए गए हैं। ईमेल में कहा गया था कि 11:15 बजे तक की ‘डेडलाइन’ है, और रिमोट कंट्रोल से विस्फोट किया जाएगा। डीएम ने तुरंत एसएसपी प्रमोद कुमार यादव को सूचित किया। एसएसपी के आदेश पर डीएसपी सिटी अजय कुमार चौधरी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सतर्कता बरतते हुए समाहरणालय परिसर को खाली कराकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

सघन तलाशी में क्या पाया गया?
बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ते, बैग स्कैनर और माइन डिटेक्शन उपकरणों की मदद से पूरे परिसर की गहन जांच की गई। कई घंटों की तलाशी के बाद भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। सुरक्षा कारणों से समाहरणालय के सभी प्रवेश मार्ग अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है।

धमकी में क्या कहा गया था?
धमकी देने वाले ने खुद को “तमिल टाइगर्स ऑफ इलम” और “पाकिस्तान आईएसआई दाउदी शंकर जीवाल” से जुड़ा बताया। उसने दावा किया कि पांच आरडीएक्स बम समाहरणालय के पास लगाए गए हैं। साथ ही, तीन आरडीएक्स आईईडी सी-फोर विस्फोटक को महत्वपूर्ण स्थानों पर रखा गया है। धमकी में कहा गया कि इन विस्फोटकों को रिमोट के जरिए लंच टाइम में सक्रिय किया जाएगा, और ये सौ फीट की दूरी से विस्फोट किए जाएंगे। यह भी कहा गया कि प्रदेश के अन्य जिलों के कलेक्ट्रेट में भी धमकी दी गई है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच के आधार पर यह धमकी फर्जी प्रतीत होती है, फिर भी मामले को गंभीरता से लिया गया है।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
गौरतलब है कि इससे पहले 28 जनवरी और 8 फरवरी 2026 को भी सिविल कोर्ट भवन और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार सिंह को ईमेल के जरिए धमकी दी गई थी। उस समय भी व्यापक तलाशी अभियान चला था, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। पुलिस साइबर सेल की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाने में लगी है। तकनीकी विश्लेषण के जरिए आईपी एड्रेस और सर्वर लोकेशन की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान होते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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