डिजिटल डेस्क- कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र में मंगलवार आधी रात भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष सोनू राठौर पर जानलेवा हमला किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुरानी रंजिश और दुकान के विवाद को लेकर बजरंग दल के पूर्व नगर संयोजक समेत करीब आधा दर्जन युवकों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए और बाद में गोली मारकर मरा समझ कर मौके से फरार हो गए। घायल भाजपा नेता की हालत गंभीर बनी हुई है।
शादी समारोह से लौटते वक्त घेरा
जानकारी के मुताबिक, सोनू राठौर नवाबगंज स्थित शिवराज सिग्नेचर सिटी में रहते हैं। छपेड़ा पुलिया पर उनकी पूजन सामग्री की दुकान है। मंगलवार की रात वह रावतपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात जब वह वापस लौट रहे थे और दुकान के पास पहुंचे, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। बताया जा रहा है कि बजरंग दल के पूर्व नगर संयोजक अभिषेक विश्वकर्मा, साजन उर्फ रोहित और बाबा लाइट ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सोनू पर हमला कर दिया। पहले जमकर मारपीट की गई और फिर चाकू से एक के बाद एक करीब 7 से 8 वार किए गए। परिजनों के अनुसार हमलावरों ने पीठ में गोली भी मारी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल सोनू राठौर को तत्काल हैलट अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। हमले की खबर मिलते ही स्थानीय भाजपा नेता और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचने लगे।
दुकान को लेकर चल रहा था विवाद
डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच दुकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश
घटना के बाद रावतपुर और काकादेव पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अभिषेक विश्वकर्मा को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा। भाजपा नेता पर हुए इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।