डिजिटल डेस्क- राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 फरवरी को हुए दर्दनाक हिट एंड रन हादसे ने एक मां की दुनिया हमेशा के लिए उजाड़ दी। 23 वर्षीय साहिल धनशेरा की मौत के बाद उसकी मां इन्ना माकन का दर्द अब पूरे शहर को झकझोर रहा है। कांपती आवाज में वह कहती हैं, “मेरा बेटा 10 मिनट तक सड़क पर तड़पता रहा… मदद के लिए चीखता रहा… लेकिन उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया।” पुलिस के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब एक एसयूवी गुरुद्वारे की दिशा से आ रही थी और साहिल अपनी बाइक से विपरीत दिशा से जा रहा था। दोनों के बीच जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एसयूवी अनियंत्रित होकर घूमी और सड़क किनारे खड़ी एक कैब से जा भिड़ी। गंभीर रूप से घायल साहिल को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में कैब चालक भी घायल हुआ है और उसका इलाज जारी है। लेकिन इस कहानी का सबसे दर्दनाक पहलू साहिल की मां का आरोप है।
दोपहर 1 बजे मिली हादसे की सूचना- पीड़ित माँ
इन्ना माकन बताती हैं कि दोपहर करीब 1 बजे उन्हें हादसे की सूचना मिली। “मैं भागते हुए मौके पर पहुंची। मेरा बेटा सड़क पर पड़ा था। उसकी जैकेट फटी हुई थी… शरीर लहूलुहान था। मुझे लगा वह करीब 10 मिनट तक चिल्लाता रहा होगा। वहां एंबुलेंस मौजूद थी, फिर भी उसे तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया,” वह रोते हुए कहती हैं। परिजनों का कहना है कि अगर साहिल को समय पर इलाज मिलता, तो शायद आज वह जिंदा होता। एक मां के लिए यह सवाल अब जिंदगी भर का दर्द बन गया है क्या कुछ मिनटों की देरी ने उसके बेटे की सांसें छीन लीं?
ओवर स्पीडिंग के चालान हैं पेंडिंग
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस एसयूवी से टक्कर हुई, उस पर पहले से 13 चालान दर्ज थे। इनमें ज्यादातर ओवरस्पीडिंग के मामले थे और कई चालान उत्तर प्रदेश में काटे गए थे। इसके बावजूद वाहन सड़क पर दौड़ता रहा। इतना ही नहीं, हादसे के वक्त एसयूवी एक नाबालिग चला रहा था, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। हादसे के बाद आरोपी नाबालिग को हिरासत में लिया गया, लेकिन बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने के लिए उसे अंतरिम जमानत मिल गई। इन्ना माकन कहती हैं कि बेटे के अंतिम संस्कार में व्यस्त रहने के कारण उन्हें आरोपी की जमानत की जानकारी बाद में मिली। “मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए,” वह कहती हैं।